मेघालय विधानसभा में शक्ति परीक्षण आज

तीन विधायकों के समर्थन वापस ले लेने के कारण राज्य सरकार अल्पमत में आ गई है और इसीलिए मंगलवार को विश्वास मत के ज़रिए सरकार का भविष्य तय होना है.
मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री दोनकूपर रॉय विधानसभा में विश्वासमत हासिल करेंगे.
मेघालय में मेघालय प्रगतिशील गठबंधन की सरकार है और इसका नेतृत्व करती है राष्ट्रवादी कांग्रेस.
पर पिछले दिनों यह गठबंधन सरकार उस वक़्त संकट में आ गई थी जब तीन विधायकों ने सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी.
राज्य विधानसभा 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए मुख्यमंत्री को कम से कम 31 विधायकों के समर्थन की ज़रूरत होगी.
राजनीतिक संकट
पर राज्य सरकार के लिए विश्वासमत की डगर आसान नहीं नज़र आ रही है.
राज्य के राज्यपाल आरएस मुसहरी ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे अपने एक पत्र में स्थिति को और पेचीदा कर दिया है.
विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल की ओर से पत्र मिलने के बाद इस मुद्दे पर अब महाधिवक्ता से क़ानूनी राय मांगी है.
उधर कांग्रेस पार्टी ने इसे संविधान का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध व्यक्त किया है.
दरअसल, राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में यह भी निर्देश दिया था कि मंगलवार को विधानसभा में विश्वास मत की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए.


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