वरूण के बयान से भाजपा ने झाड़ा पल्ला (लीड-1)
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार वरूण गांधी के कथित अल्पसंख्यक विरोधी बयान से बवाल मच गया है। निर्वाचन आयोग ने जहां वरूण से इस मामले में सफाई मांगी है वहीं भाजपा ने उनके बयान से पल्ला झाड़ लिया है। रेल मंत्री लालू यादव ने इसे भाजपा व संघ परिवार का बयान करार दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "भाजपा देश की एकता व अखंडता में विश्वास रखती है और आतंकवाद का मुकाबला करने का यही सबसे बड़ा साधन है।"
नकवी ने कहा, "देश व समाज को धर्म, संप्रदाय और जाति के नाम पर बांटना कांग्रेस की संस्कृति रही है।" वरूण ने यदि आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है तो इस पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है।
29 वर्षीय वरूण को पीलीभीत के चुनाव अधिकारी ने आपत्तिजनक बयान देने के लिए नोटिस थमाया है। निर्वाचन आयोग ने भी उनके बयान को गंभीरता से लिया है।
वरूण ने पीलीभीत में मंगलवार को कहा था कि उनके बयान के संबंध में जो सीडी बार-बार दिखाई जा रही है, उससे छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि वे बुधवार को दिल्ली में पार्टी के मंच से इस विवाद पर अपना पक्ष रखेंगे।
उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुखिया और रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा कि वरूण गांधी ने पीलीभीत में पिछले दिनों अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो बयान दिया है वह सिर्फ उनका बयान नहीं है बल्कि भाजपा और संघ परिवार का भी है।
नई दिल्ली में बिहार में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के बीच सीटों के तालमेल की घोषणा करने के दौरान लालू ने कहा, "वरूण का बयान न सिर्फ आपत्तिजनक है बल्कि सांप्रदायिक भी है। यह बयान अकेले वरूण का नहीं है बल्कि भाजपा और संघ परिवार का भी है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।"
उन्होंने कहा, "संघ और भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले देश के चुनावी माहौल को सांप्रदायिक करना चाहते हैं।" भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी पर चुटकी लेते हुए लालू ने कहा, "मैंने पहले भी कहा है और फिर कह रहा हूं कि आडवाणी की कुंडली में प्रधानमंत्री बनने का योग नहीं है। मेरी इस भविष्यवाणी के बाद लोग तो अब यह चर्चा करने लगे हैं कि लालू वाकई में तांत्रिक तो नहीं।"
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव आयोग में इसकी शिकायत करेगी और वरूण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा, "चुनाव आयोग ऐसे आपत्तिजनक भाषणों की इजाजत नहीं देता। उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया जाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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