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'बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश बहाल होंगे'

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yusuf raza gilani

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी और अन्य सभी जजों को बहाल करने की घोषणा की है.साथ ही उन्होंने बर्ख़ास्त सभी जजों को भी बहाल करने का ऐलान किया.

गीलानी ने कहा कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर 21 मार्च को रिटायर हो रहे हैं और उनका स्थान बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी संभाल लेंगे.

मौजूदा मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर 21 मार्च को रिटायर हो रहे हैं और उनका स्थान बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी संभाल लेंगे प्रधानमंत्री गीलानी

मौजूदा मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर 21 मार्च को रिटायर हो रहे हैं और उनका स्थान बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी संभाल लेंगे

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने वादा किया था कि किसी भी जज को उसके पद से नहीं हटाया जाएगा, इस कारण इफ़्तिख़ार चौधरी को बहाल करने में मुश्किल आ रही थी.

गीलानी का कहना था कि अब जबकि मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर अवकाश ग्रहण कर रहे हैं तो अब वादा पूरा करने का समय आ गया है.

उनका कहना था कि इस संबंध में अधिसूचना जारी की जा रही है.उन्होंने लॉंग मार्च के दौरान गिरफ़्तार लोगों को रिहा करने की भी घोषणा की.

नवाज़ का मार्च

अपने हज़ारों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद कूच कर चुके पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ की ये मुख्य माँग रही है. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ जजों की बहाली के लिए आंदोलन चला रहे थे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि घोषणा के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शहबाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले की समीक्षा के लिए अपील करेगी जिसमें उनके किसी भी निर्वाचित पद पर काम करने से रोक लगा दी गई थी.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने 25 फरवरी को अपने फ़ैसले में पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शाहबाज़ शरीफ़ के किसी भी निर्वाचित पद पर काम करने से रोक लगा दी थी.

गीलानी ने नवाज़ शरीफ़ से आंदोलन समाप्त करने और 'चार्टर ऑफ़ डेमोक्रेसी' पर मिलकर काम करने की अपील की.उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने वर्ष 2006 में इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे.

दोनों नेताओं ने ये वादा किया था कि देश में लोकतंत्र बहाल किया जाएगा, टकराव से बचने की कोशिश होगी और राजनीति में सेना की भूमिका को ख़त्म किया जाएगा.प्रधानमंत्री गीलानी की घोषणा के बाद नवाज़ शरीफ़ ने अपने आंदोलन के भविष्य के बारे में कोई ऐलान नहीं किया है.

रविवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में नवाज़ शरीफ़ ने कहा था, " इस्लामाबाद हमारी नियति है. हम इस्लामाबाद के लिए निकल पड़े हैं. आश्चर्यजनक रूप से लोगों का समर्थन मिल रहा है. पाकिस्तान के इतिहास का यह स्वर्ण काल है. ये क्रांति की शुरुआत है."

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