बैंक शेयरों में निवेश का अच्छा मौका

यह वही समय था जब विदेश संस्थागत निवेशक भारी बिकवाली कर रहे थे। भारी नुकसान के साथ यह फंड अब तक 33 फीसदी शेयर बेच चुके हैं। यह रकम करीब 1154 करोड़ रुपये है। इसका असर बैक के शेयरों पर साफ देखने को मिल रहा है।
टीसीआई के नाम से परिचित इस फंड ने इसी महीने इंडियन ओवरसीज बैंक में अपनी हिस्सेदारी पांच फीसदी बेच दी है। इसी तरह यूनियन बैंक में भी इसने हिस्सेदारी कम की है। पिछले साल जहां इसकी हिस्सेदारी 7.78 थी वह घटकर 4.12 रह गई है। ओरियंटल बैंक और कामर्स और बैंक आफ बड़ौदा में भी इस फंड ने अपनी हिस्सेदारी काफी कम कर दी है।
चूंकि अपनी घरेलू समस्याओं के कारण यह फंड अपनी हिस्सेदारी कम कर रहें हैं, तो जाहिर है बैंक स्टाकों पर जबरदस्त दबाव दिख रहा है। यह इसी से समझा जा सकता है किइस साल भारतीय शेयर बाजार 15.4 फीसदी गिरा है, लेकिन बैंकिंग इंडेक्स 33.4 फीसदी गिरा है।
चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेंट फंड की भारी बिकवाली के कारण भारी मुनाफा कमा रहे बैंकों के शेयर भी काफी नीचे आ गए हैं। कई बैंकों के शेयर तो बहुत ही आकर्षक रेट में आ गए है या आने वाले है। भारत में बैकिंग सेक्टर खासकर सरकारी बैंकों की स्थिति कुल मिलाकर मजबूत है।
बैंक शेयरों के रेट काफी कम हो जाते हैं तो कम अवधि और लंब अवधि दोनों के लिहाज से यह सुरक्षित निवेश करने का अच्छा मौका रहेगा।


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