भारतीय अर्थव्यवस्था अपस्पीति की ओर : गोल्डमैन सैक्स
सलाहकार फर्म ने साप्ताहिक थोक मूल्य सूचकांकों के आधार पर यह अनुमान लगाया है। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश की मुद्रास्फीति की दर 28 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान छह साल के न्यूनतम स्तर पर यानी 2.43 फीसदी हो गई थी। इसका कारण मांग में आई कमी है।
अपस्फीति सामान्य मूल्य कीमतों में कमी है। यह मुद्रा की आपूर्ति व साख में कमी के अलावा लोगों, उद्योगों व सरकारों द्वारा खर्च में कटौती करने के कारण पैदा होती है। अपस्फीति के दौरान मांग में कमी के कारण हमेशा बेरोजगारी बढ़ती है।
व्यावसायिक बैंकों के पास न्यूनतम नकदी का हवाला देते हुए सलाहकार फर्म ने कहा, "हम भारतीय रिजर्व बैंक से नकद आरक्षित अनुपात में 150 आधार अंकों की कटौती के साथ व्यवस्था में तरलता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की उम्मीद करते हैं।"
गोल्डमैन ने कहा, "अपस्फीति की स्थिति में उन सेक्टरों को फायदा होगा जिनका निश्चित लागत की तुलना में परिवर्ती लागत का अनुपात ज्यादा होता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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