मायावती-तीसरे मोर्चे के नेता मिले, नेतृत्व पर नहीं हो सका निर्णय (राउंडअप)

तीसरे मोर्चे के नेता आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर रणनीति बनाने के लिए यहां एकजुट हुए थे। इस बैठक के जरिये नए राजनीतिक समीकरण को लेकर पिछले कुछ दिनों से अटकलों का बाजार गर्म था।

मायावती ने हालांकि भोज के उपरांत एक तैयार बयान पढ़ा जिसमें कहा गया कि कांग्रेस और भाजपा को सरकार बनाने से रोकने के लिए वे सभी एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।

भोज शाम 7.30 बजे शुरू हुआ और करीब दो घंटे तक चला। हलांकि भोज खत्म होने पर नेताओं ने इस दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई इसका विवरण देने से इनकार कर दिया।

भोज में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रकाश करात और सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के ए.बी. बर्धन, जनता

दल-सेक्यूलर (जद-एस) के एच.डी. देवगौड़ा, तेलंगाना राष्ट्र समिति के चंद्रशेखर राव, तेलुगू देशम पार्टी के एन. चंद्रबाबू नायडू सहित तीसरे मोर्चे के अन्य नेता शामिल हुए।

मायावती ने एक तैयार बयान में कहा, "आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सभी वरिष्ठ नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। सभी नेताओं ने यह निर्णय लिया है कि वे देश समक्ष गैर कांग्रेस-गैर भाजपा सरकार के लिए एक मजबूत व धर्मनिरपेक्ष विकल्प प्रस्तुत करेंगे और चुनाव के बाद सरकार का गठन करेंगे।"

उन्होंने कहा, "हमारी नीति देश हित में और आम लोगों के हित में होगी।"

मायावती और तीसरे मोर्चे के अन्य नेताओं ने संवादाताओं के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

बर्धन ने बाद में कहा कि मोर्चा कुछ सीटों पर बसपा के साथ तालमेल करेगी। तीसरे मोर्चे में चार वाम पार्टियों के अलावा छह क्षेत्रीय पार्टियां हैं। इसका गठन गुरुवार को बेंगलुरू में किया गया था।

इस हाई प्रोफाइल रात्रि भोज आयोजन के मद्देनजर गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित उनके आवास को सुरक्षा की दृष्टि से किले में बदल दिया गया था। दो सौ मीटर की दूरी से ही सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।

इस क्षेत्र में रहने वालों और सिर्फ मीडियाकर्मियों को इस दौरान आने-जाने की इजाजत दी गई। आम आदमी के लिए आसपास के सड़कों पर नो-एंट्री थी।

मायावती के निवास के चारों तरफ पत्रकारों का हुजूम मौजूद देखा गया। पूरी सड़क पर तो सिर्फ टेलीविजन चैनलों के ओबी वैन खड़े देखे गए। रकाबगंज रोड पर रहने वाले एक सांसद के ड्राइवर ने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में पत्रकारों व पुलिसकर्मियों को मैंने कभी नहीं देखा।"

उल्लेखनीय है कि मायावती ने रात्रि भोज के लिए कांग्रेस व भाजपा विरोधी दलों को आमंत्रित किया था। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में हराने की रणनीति पर विचार विमर्श होने की अटकलें हैं।

मायावती ने इससे पहले स्पष्ट किया कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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