पाकिस्तान में बहाल होंगे सभी बर्खास्त न्यायाधीश, लांग मार्च वापस लिया गया (लीड-3)

समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार न्यायाधीशों की बहाली की घोषणा गिलानी ने टेलीविजन पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश में की। उन्होंने अपने संदेश में अदालत के उस फैसले को भी पलटने का संकेत दिया, जिसमें शरीफ बंधुओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई गई थी और पंजाब सूबे की सरकार की बर्खास्तगी का आदेश दिया गया था।

पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा बर्खास्त किए गए पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश चौधरी शनिवार को देश के वर्तमान प्रधान न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होते ही पदभार ग्रहण कर लेंगे।

चौधरी की बहाली ऐसे मौके पर की गई जब हजारों लोगों का हुजूम इस्लामाबाद की ओर कूच कर रहा था। वे लोग स्वतंत्र न्यायपालिका की मांग को लेकर धरना शुरू करने वाले थे जो चौधरी की बहाली तक जारी रहता।

टेलीविजन ने खबर दी है कि मुख्य न्यायाधीश की बहाली की घोषणा के तत्काल बाद लांग मार्च वापस ले लिया गया। इस लांग मार्च की अगुवाई दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज शरीफ कर रहे थे।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पहले चौधरी को बहाल करने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं करने की वजह से उन्होंने खुद को अलोकप्रिय बना डाला।

लाहौर से रविवार को प्रारंभ हुए प्रदर्शन की वजह से पाकिस्तान में अशांति पैदा होने का खतरा उत्पन्न हो गया था। पाकिस्तान के बिगड़ते अंदरूनी हालात से चिंतित अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने स्थिति सुधारने के लिए हस्तक्षेप किया।

गिलानी ने अपने संबोधन में कहा, "मैं इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी और सभी बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली की घोषणा करता हूं।"

चौधरी और उनके सहयोगियों को नवंबर 2007 में देश में आपातस्थिति लागू होने के बाद बर्खास्त किया गया था। ये बर्खास्तगी ऐसे समय में की गई थी जब वे मुशर्रफ से संबद्ध एक मामले में फैसला सुनाने वाले थे। चौधरी की बर्खास्तगी से मुशर्रफ के खिलाफ जनांदोलन भड़क उठा था और इसकी परिणति आम चुनावों में उनके राजनीतिक सहयोगियों की हार में हुई थी।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ने रविवार को गिलानी और जरदारी से भेंट कर कथित तौर पर दोनों नेताओं पर देश में अस्थिरता टालने के लिए समझौता करने पर दबाव बनाया।

गिलानी की कैबिनेट के सदस्य नबील गबूल ने इस राहत का श्रेय अमेरिका, आर्मी और अल्लाह को दिया।

अमेरिका ने चौधरी की बहाली का स्वागत किया है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अब वक्त आ गया है जब सभी पाकिस्तानियों को और उनके राजनीतिक प्रतिनिधियों को एकजुट होकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने का कार्य करना चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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