पहले मानव सहित अंतरिक्ष मिशन में जाएंगे वायु सेनाकर्मी
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। संभवत: वर्ष 2017 में भेजे जाने वाले पहले भारतीय मानव सहित अंतरिक्ष मिशन में वायु सेना के कर्मी भेजे जाएंगे।
इस मिशन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वायु सेना के दो कर्मियों को प्रशिक्षित कर रहा है। पिछले साल चंद्रयान के सफल प्रक्षेपण के बाद मानव सहित मिशन की तैयारी की जा रही है।
इस मिशन के तहत वायु सेना के दो कर्मियों को भेजा जाएगा। इस तरह स्क्वोड्रन लीडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले ये दूसरे भारतीय बन जाएंगे। शर्मा 1984 में भारत और रूस के संयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के हिस्सा थे।
वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "मिशन में दो सदस्य होंगे। हमारी इसरो के वैज्ञानिकों से चर्चा हो चुकी है और उन्होंने एक वैज्ञानिक और एक वायु सेना के पायलट को भेजने पर जोर दिया था, लेकिन हमने मिशन पूरा होने तक अपने एक इंजीनियर को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा है।"
करीब 2.5 अरब डॉलर की इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने धरती से 274 किलोमीटर दूर अंतरिक्ष की कक्षा में एक सप्ताह के लिए दो लोगों को भेजने की योजना बनाई है। मानव सहित अंतरिक्ष उड़ान परियोजना के लिए वायु सेना भी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं तैयार करने में लगी है।
एक अधिकारी ने बताया, "हम संभवत: रूस निर्मित आईएल-76 परिवहन विमान का इस्तेमाल करें, जिसमें शून्य गुरुत्व स्थिति के मुताबिक बदलाव किया जाएगा।"
अगर यह मिशन सफल हो जाता है तो अंतरिक्ष में मानव सहित मिशन भेजने वाले अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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