मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों के साथ की बैठक
मुख्य चुनाव आयुक्त एऩ गोपालस्वामी और दो चुनाव आयुक्तों नवीन चावला और डा. एस़ वाई़ कुरेशी ने बैठक को संबोधित किया तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव में पर्यवेक्षकों की अहम भूमिका पर बल दिया। बैठक में 2000 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।
आयोग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इन्हीं अधिकारियों को चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक बनाकर भेजा जाएगा। ये पर्यवेक्षक इन चुनावों में चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे। चुनाव में बड़े पैमाने पर पर्यवेक्षकों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर इस बार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का दायरा ज्यादा व्यापक बना दिया गया है और इसके लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क सेवा, भारतीय वन सेवा, राज्य लोक सेवा के अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किये जाएंगे।
पिछले लोकसभा चुनाव के विपरीत इस बार सामान्य कामकाज वाले पर्यवेक्षक तथा व्यय पर्यवेक्षक के काम मिला दिए गए हैं। पर्यवेक्षकों की संख्या निर्वाचन क्षेत्रों के आकार, संवेदनशीलता तथा भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर तय की गई है। हर संसदीय क्षेत्र में कम से कम दो-तीन पर्यवेक्षक नियुक्त किये जाएंगे।
पर्यवेक्षकों की व्यय रिपोर्ट को 3-4 वरिष्ठ विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम द्वारा जांचा जाएगा। ये अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर चुनाव आयोग में होंगे। आयोग शीघ्र ही इन अधिकारियों का चयन करेगा।
आयोग मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लाईन बनाने एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए एनसीसी कैडेटों की मदद लेगा। आयोग ने पर्यवेक्षकों की मदद के लिए एनएसएस स्वयंसेवकों का डाटाबेस तैयार किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications