संकट में पाकिस्तान : शरीफ ने तोड़ी नजरबंदी, वकीलों का पुलिस के साथ संघर्ष (राउंडअप)

यह लांग मार्च दो वर्ष पहले पद से हटाए गए न्यायाधीशों की फिर से बहाली की मांग के समर्थन में किया जा रहा है।

शरीफ बड़े ही नाटकीय अंदाज में लाहौर में मॉडल टाउन स्थित अपने आवास से निकलकर कलमा चौक गए। वहां से लांग मार्च के साथ वह जीपीओ चौराहे पर पहुंचे। वहां हजारों की संख्या में वकील और राजनीतिक कार्यकर्ता इस्लामाबाद कूच करने के लिए इकट्ठा हुए थे।

सरकार की ओर से जारी नजरबंदी के आदेश को दरकिनार करते हुए शरीफ की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपराह्न् उनके घर का मुख्य द्वार खोल दिया और पुलिस मूक दर्शक खड़ी सब कुछ देखती रही।

शरीफ के साथ उनकी पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे। वे जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए उनके पीछे समर्थकों का हुजूम जुड़ता गया। शरीफ का काफिला जब इक्करा इलाके में पहुंचा तो हजारों की भीड़ मार्च में शामिल हो गई। शरीफ के साथ मार्च में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भी हिस्सा लिया।

शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान एक पुलिस राज्य में परिवर्तित हो गया है। पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में अपने आवास पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए शरीफ ने वकीलों के इस लांग मार्च के साथ जुड़ने के लिए लोगों का आह्वान किया।

शरीफ ने कहा कि उन्हें नजरबंद करना गैरकानूनी था। उन्होंने कहा कि सरकार हमें किसी हाल में नहीं रोक सकती।

इसके पहले लाहौर उच्च न्यायालय के बाहर जुटे वकीलों ने अदालत का दरवाजा तोड़ दिया और अपना लांग मार्च जारी रखा। उसके बाद लांग मार्च जीपीओ चौक पहुंचा, जहां वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और दर्जनों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

उधर, सरकार की ओर से नजरबंदी के आदेश के बावजूद शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ और पूर्व क्रिकेटर व तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान रावलपिंडी पहुंच गए हैं।

इससे पहले रविवार सुबह खबर आई थी कि शरीफ को लाहौर स्थित उनके आवास में तीन दिनों के लिए नजरबंद कर दिया गया है। पीएमएल-एन के प्रवक्ता अहसान इकबाल ने शरीफ को नजरबंद किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा था, "सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मियों ने शरीफ के आवास को घेर रखा है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक है, लेकिन इससे हमारा दृढ़ संकल्प नहीं डगमगाएगा।"

प्रशासन द्वारा बस सेवाओं को रोक दिए जाने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हुई। ट्रक चालकों द्वारा ट्रकें खड़ी कर दिए जाने से व्यापार पर खासा प्रभाव पड़ा।

सरकार ने शरीफ बंधुओं की नजरबंदी का फैसला तब किया, जब शनिवार की देर रात नवाज शरीफ ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

जरदारी ने शनिवार देर रात कहा था कि चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराए गए शरीफ बंधुओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।

लाहौर में शनिवार रात एक जनसभा में शरीफ ने कहा था, "मैं यहां इस बात का एलान कर रहा हूं कि वकीलों का लांग मार्च इस्लामाबाद पहुंचने तक जारी रहेगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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