श्रीलंका में स्थायी शांति के लिए तमिलों का साथ जरूरी : अमेरिका

अरुण कुमार

वाशिंगटन , 14 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंका के उत्तरी हिस्सों के 'सुरक्षित क्षेत्रों' के हालात बिगड़ने पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए अमेरिका ने सरकार से शांतिप्रिय तमिलों को

स्थायी शांति बहाली और सुलह के प्रयासों में शामिल करने को कहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता गोर्डन डुगिड ने शुक्रवार को कहा,"अमेरिका का मानना है स्थायी शांति सिर्फ ऐसे राजनीतिक समाधान के जरिए ही हासिल की जा सकती है, जो श्रीलंका के सभी समुदायों की वैध आकांक्षाओं की कसौटी पर खरा उतरता हो।"

उन्होंने कहा, "हम श्रीलंका सरकार से आग्रह करते हैं कि वह ऐसा प्रस्ताव लेकर आए जिसमें हिंसा से दूर रहे तमिलों को शामिल करते हुए सत्ता के बंटवारे का समझौता किया जाए ताकि स्थायी शांति और सुलह का माहौल तैयार हो सके।"

इस बयान से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से फोन पर बातचीत में इस संघर्ष का राजनीतिक समाधान खोजने को कहा था।

प्रवक्ता ने बताया कि हिलेरी ने राष्ट्रपति से अंतर्राष्ट्रीय राहत एजेंसियों को संघर्षग्रस्त क्षेत्रों, विस्थापितों के शिविरों तक जाने की इजाजत देने को कहा था।

हिलेरी ने श्रीलंका के बिगड़ते हालात और उत्तरी श्रीलंका में सरकार द्वारा तय किए गए 'सुरक्षित क्षेत्रों' में लोगों के मारे जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सेना को इन 'सुरक्षित स्थानों' पर गोलीबारी नहीं करनी चाहिए। हिलेरी ने गत 10 मार्च को मस्जिद के बाहर हुए बम धमाके में हुई मौतों पर खेद जाहिर करते हुए लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे)की गतिविधियों पर खेद जाहिर किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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