चुनावी बेला में लखनऊ से सटे 50 गांवों में शराब निर्माण चरम पर
लखनऊ, 14 मार्च (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव में अब बहुत दिन नहीं बचे हैं, इसलिए उत्तरप्रदेश की राजधानी से सटे लगभग 50 गांवों के बाशिंदे इन दिनों तेजी से शराब बनाने के काम में जुटे हैं। आखिर उन्हें भी यह पता है कि चुनावी मौसम में शराब कैसा नशा चढ़ाती है।
लखनऊ से सटे उत्तरप्रदेश के गांवों खासकर सीतापुर जिले की शराब निर्माता इकाइयां इन दिनों शराब निर्माण में व्यस्त है। पुलिस की आंखों के सामने चुनाव के लिए विशेष रूप से शराब निर्माण का काम धड़ल्ले से यहां चल रहा है।
एक शराब निर्माता ने आईएएनएस को बताया, "पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान शराब की बिक्री में 60 फीसदी इजाफा हुआ था। हर चुनाव में ऐसा ही होता है। वह चाहे आम चुनाव ही क्यों न हो।"
एक राजनीतिक कार्यकर्ता व गांव के पूर्व मुखिया ने कहा, "जैसे ही चुनाव की तारीखें घोषित हो जाती है, हम ग्रामीण क्षेत्रों में रात के वक्त शराब बांटना आरंभ कर देते है। चुनाव से दो-तीन पहले हम मतदाताओं से संपर्क साधते हैं और उन्हें हम देशी शराब देते हैं। इससे 15-20 फीसदी मतों में बढ़ोत्तरी होती है।"
एक पार्षद ने कहा, "चुनावों के समय हम शहरी क्षेत्रों में भी शराब बांटते हैं लेकिन इसके लिए छोटे-छोटे समूहों में लोगों को आमंत्रित करते हैं और उन्हें विदेशी शराब पिलाते हैं।"
देशी शराब बनाने वाली ऐसी कई छोटी बड़ी कंपनियां लखनऊ से सटे मलीहाबाद, गोसाईगंज, चिनहट और बख्शी का तालाब में स्थित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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