जरदारी को 24 घंटे की मोहलत

पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने जरदारी को यह चेतावनी शुक्रवार को दी। उन्होंने जरदारी से कहा है कि अगर वो प्रस्ताव स्वीकार नहीं करते हैं, तो पाकिस्तान में स्थितियों को सामान्य बनाने के लिए विदेशी शक्तियों का सहारा लेते हुए उनकी गद्दी छीन ली जाएगी।
वॉशिंगटन और लंदन जैसी विदेशी शक्तियों द्वारा पाकिस्तान में लाये गये नये प्रस्ताव से राजनीतिक उबाल आ गया है।
गिलानी ने जरदारी को 24 घंटे की मोहलत देते हुए कहा है कि वो 'लॉन्ग मार्च' के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले प्रस्ताव मान लें। अब यह जरदारी पर है कि वो प्रस्ताव को मानते हैं या नहीं।
इस प्रस्ताव के अंतर्गत पंजाब प्रांत के राज्यपाल सलमान तासीर को हटाये जाने की बात कही गई है। उनके हटाये जाने से पीपीपी और पीएमएल(एन) के संबंध अच्छे हो सकेंगे।
संसद के माध्यम से नया कानून लागू करने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस इफ्तिकार चौधरी की बहाली भी प्रस्ताव में शामिल है।
अगर जरदारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो पाकिस्तान सेना और विदेशी ताकतें मिलकर यहां 'माइनस-वन फार्मुला' लागू कर देंगी, जिसके अंतर्गत जरदारी को तत्काल राष्ट्रपति पद से हटा दिया जाएगा।
गिलानी को कार्यकारी राष्ट्रपति बना दिया जाएगा और उनके सारे काम प्रधानमंत्री कार्यालय स्थानांतरित हो जाएंगे। पीएमएल(एन) नेता नवाज शरीफ कैबिनेट में शामिल हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस इफ्तिकार चौधरी बहाल हो जाएंगे।


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