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वर्ष 2010 तक सुधार की उम्मीद

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wen jiabao

चीन के प्रधानमंत्री जियाबाओ ने उम्मीद जताई है कि चीन और बाकी दुनिया के आर्थिक हालात वर्ष 2010 तक सुधर जाएंगे लेकिन आत्मविश्वास की ज़रूरत है.वेन जियाबाओ राजधानी बीजिंग में संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के अंत में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ज़रूरत पड़ने पर और अधिक आर्थिक सहायता के लिए तैयार है.

उन्होंने यह भी कहा कि तिब्बत में शांति और स्थायित्व है इसलिए इससे यह साबित होता है कि तिब्बत क्षेत्र में चीन की नीतियाँ सही रही हैं. चीन में केवल एनपीसी के वार्षिक सत्र के अंत में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ही पत्रकारों को प्रधानमंत्री से सवाल करने का अवसर दिया जाता है.

'मुश्किल वर्ष"

वेन जियाबाओ ने कहा, "आत्मविश्वास सोने-चाँदी या धन से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है." उनके अनुसार, "हमें सबसे पहले बहुत मज़बूत आत्मविश्वास की ज़रूरत है. जब हमारे पास आत्मविश्वास होगा केवल तभी साहस और ताक़त आएगी और जब हमारे पास साहस और ताक़त होंगे, सिर्फ़ तभी हम परेशानियों का सामना कर पाएंगे."

हमें सबसे पहले बहुत मज़बूत आत्मविश्वास की ज़रूरत है. जब हमारे पास आत्मविश्वास होगा केवल तभी साहस और ताक़त आएगी और जब हमारे पास साहस और ताक़त होंगे, सिर्फ़ तभी हम परेशानियों का सामना कर पाएंगे वेन जियाबाओ

हमें सबसे पहले बहुत मज़बूत आत्मविश्वास की ज़रूरत है. जब हमारे पास आत्मविश्वास होगा केवल तभी साहस और ताक़त आएगी और जब हमारे पास साहस और ताक़त होंगे, सिर्फ़ तभी हम परेशानियों का सामना कर पाएंगे

जियाबाओ ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि वर्ष 2010 में चीन और बाक़ी की दुनिया के हालात बेहतर होंगे." उन्होंने कहा कि उन्हें अरबों डॉलरों की नक़दी की सुरक्षा की चिंता है जो चीन ने अमरीका को दी हुई है.

नेशनल पीपुल्स कांग्रेस यानी एनपीसी के सत्र की शुरूआत में जियाबाओ ने कहा था कि शताब्दी में यह साल चीन के लिए सबसे कठिन साबित होगा.

दो दिन पहले जारी सरकारी आँकड़ों के अनुसार चीन का निर्यात फ़रवरी 2009 में वर्ष 2008 के मुक़ाबले एक चौथाई से भी ज़्यादा गिरकर 64.9 अरब डॉलर और आयात 24.1 फ़ीसदी गिरकर 60.1 अरब डॉलर हो गया है.

शुक्रवार के संवाददाता सम्मेलन में वेन ने कहा कि सरकार के आर्थिक सहायता पैकेज के तहत जन कल्याण, तकनीकी, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत ढाँचों की परियोजनाओं के लिए 172 अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है.

नवंबर 2008 में सरकार की ओर से देश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए कुल 585 अरब डॉलर के निवेश कार्यक्रम की घोषणा की गई थी.

विकास दर

वेन ने कहा कि ज़्यादा परेशानी की स्थिति में नया आर्थिक पैकेज नीतियाँ जारी करने के लिए अधिकारियों के पास पर्याप्त साधन हैं. हमने अमरीका को एक बहुत बड़ा ऋण दिया है जिसकी सुरक्षा के प्रति हमारा चिंतित होना स्वाभाविक है वेन जियाबाओ

हमने अमरीका को एक बहुत बड़ा ऋण दिया है जिसकी सुरक्षा के प्रति हमारा चिंतित होना स्वाभाविक है

सरकार ने सालाना आठ फ़ीसदी विकास दर हासिल करने का का लक्ष्य रखा है और इसके साथ सरकार देश में खपत और माँग को भी बढ़ाना चाहती है.

संवाददाताओं का कहना है कि कम्युनिस्ट पार्टी को डर है कि अगर सालाना विकास आठ फ़ीसदी से कम रहता है तो देश में सामाजिक अस्थिरता आ सकती है.

वेन ने कहा कि विकास दर का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल तो है लेकिन असंभव नहीं है और वह चीन के विदेशी मुद्रा भंडार की उस बड़ी राशि की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं जो चीन ने अमरीका के बॉन्ड में निवेश किया है.

उन्होंने कहा, "हमने अमरीका को एक बहुत बड़ा ऋण दिया है जिसकी सुरक्षा के प्रति हमारा चिंतित होना स्वाभाविक है. मैं ईमानदारी से चिंतित हूँ."

एसोसिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी ने कहा है कि चीन ने दो ख़रब डॉलर की अपनी कुल सुरक्षित नक़दी का क़रीब आधा हिस्सा अमरीका की विभिन्न सरकारी योजनाओं में निवेश किया हुआ है. जियाबाओ ने कहा, "हम अमरीका की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए बहुत इच्छुक हैं."

तिब्बत स्थायित्व

वेन जियाबाओ ने तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा की इस सप्ताह दी गई उन टिप्पणियों को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने हिमालय क्षेत्र में उनके लोगों के लिए जीवन को नरक के समान बना दिया है.

तिब्बत मुद्दे पर चीन का रुख़ सख़्त नज़र आता है. जियाबाओ ने कहा, "तिब्बत की शांति, स्थायित्व और लगातार हो रही प्रगति ने साबित कर दिया है कि हमने जो नीतियाँ अपनाई हैं वो सही हैं."

दलाई लामा चीन के ख़िलाफ़ तिब्बत के विफल विद्रोह की पचासवीं वर्षगाँठ के अवसर पर मंगलवार को भारत में अपने निर्वासन के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे.जियाबाओ ने कहा कि दलाई लामा के प्रतिनिधि से बातचीत तभी चलती रह सकती है जब वे अपना अलगाववादी रवैया छोड़ दें.

दलाई लामा ने कहा कि वे चीन के अंदर रहते हुए ही तिब्बत में ज़्यादा स्वायत्तता चाहते हैं जिसे चीन ने झूठी स्वतंत्रता की कोशिश कहते हुए ठुकरा दिया है. चीन ने फ़्रांस पर भी यह कहते हुए तिब्बत पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए दबाव डाला है कि यह संबंध सुधारने के लिए ज़रूरी है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी तब चीन के गुस्से का शिकार हुए जब उन्होंने दिसंबर 2008 में दलाई लामा से मुलाक़ात की थी. वेन जियाबाओ ने कहा, "चीन और फ़्रांस के बीच समस्या तब शुरू हुई जब फ़्रांस के नेता ने दलाई लामा से मुलाक़ात की. इसमें सिर्फ़ चीन का ही हित शामिल नहीं है बल्कि इससे चीन के लोगों की भावनाएं भी गंभीर रूप से आहत हुई हैं."

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