पाक की मुसीबत बढ़ाने वाला विधेयक

abdul qadeer

अमरीकी संसद में पेश एक विधेयक में कहा गया है कि अगर पाकिस्तान एक्यू ख़ान से पूछताछ की इजाज़त न दे तो उसे सैन्य सहायता रोक देनी चाहिए.

इस विधेयक में कहा गया है कि 'सबसे ख़राब हथियार को सबसे ख़राब लोगों को बेचने की क्षमता रखने वाला परमाणु वैज्ञानिक' एक बार फिर से आज़ाद है. उल्लेखनीय है कि गत फ़रवरी में पाकिस्तान के इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल क़दीर ख़ान की नज़रबंदी हटाने के आदेश दिए थे.

वर्ष 2004 में परमाणु तकनीकों और उपकरणों की तस्करी के आरोपों को अब्दुल क़दीर ख़ान ने स्वीकार किया था लेकिन उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से माफ़ी मांगी थी.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन्हें माफ़ी दे दी थी. लेकिन तभी से वे अपने घर पर नज़रबंद थे. अमरीका ने नज़रबंदी हटाए जाने के अदालती फ़ैसले पर चिंता व्यक्त की थी.

दो शर्तें

अमरीकी संसद की प्रतिनिधि सभा में ये विधेयक जेन हारमैन ने पेश किया है. इस विधेयक में दो शर्तें रखी गई हैं, एक तो पाकिस्तान अमरीकी अधिकारियों को अब्दुल क़दीर ख़ान से पूछताछ की इजाज़त दे और दूसरा पाकिस्तान उनकी गतिविधियों पर नज़र रखे.

उम्मीद है कि पाकिस्तान भी वैसी ही चिंता करेगा जैसी कि हम करते रहे हैं कि परमाणु हथियार से उनके नागरिक, अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो के सैनिक और किसी भी पश्चिमी देशों के नागरिक निशाना बनाए जा सकते हैं जेन हारमैन

उम्मीद है कि पाकिस्तान भी वैसी ही चिंता करेगा जैसी कि हम करते रहे हैं कि परमाणु हथियार से उनके नागरिक, अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो के सैनिक और किसी भी पश्चिमी देशों के नागरिक निशाना बनाए जा सकते हैं

विधेयक में कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ऐसा नहीं करता है तो उसे अमरीका की ओर से दी जाने वाली सैन्य सहायता रोक दी जाए.

सैन्य सहायता के अलावा उपकरणों की आपूर्ति और प्रशिक्षण रोकने की बात भी कही गई है.

जेन हारमैन ने इस विधेयक के बारे में जारी बयान में कहा है, "उम्मीद है कि पाकिस्तान भी वैसी ही चिंता करेगा जैसी कि हम करते रहे हैं कि परमाणु हथियार से उनके नागरिक, अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो के सैनिक और किसी भी पश्चिमी देशों के नागरिक निशाना बनाए जा सकते हैं."

बयान के अनुसार, "इस विधेयक से ज़रदारी सरकार को एक सही कार्य करने का रास्ता मिलेगा और अमरीका को एक्यू ख़ान की परमाणु प्रसार की गतिविधियों का आकलन करने का अवसर मिलेगा, जिससे कि भविष्य में होने वाले किसी भी नुक़सान को रोका जा सके."

इस बयान में आरोप लगाया गया है कि एक्यू ख़ान ने ईरान, उत्तर कोरिया, और लीबिया को परमाणु हथियार बनाने की तकनीक की जानकारी दी थी और हो सकता है कि यह जानकारी सीरिया और इराक़ को भी दी गई हो.

कहा गया है कि दुबई, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, सिंगापुर, दक्षिण अफ़्रीका, स्विट्ज़रलैंड और तुर्की की कंपनियों के ज़रिए एक्यू ख़ान का नेटवर्क चलता था. हालांकि 2004 में उनकी स्वीकारोक्ति के बाद इस नेटवर्क को ख़त्म कर दिया गया था.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में परमाणु के पितामह कहे जाने वाले अब्दुल क़दीर ख़ान की परमाणु तकनीक बेचे जाने के स्वीकारोक्ति के बाद से ही अमरीका उनसे पूछताछ करने देने की अपील करता रहा है और पाकिस्तान ने हमेशा इससे इनकार किया है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+