तिब्बत मसले पर चीन वार्ता को तैयार : जियाबाओ (लीड-1)
नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के वार्षिक सत्र के समापन के बाद जियाबाओ ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि दलाई लामा के प्रतिनिधियों के आग्रह पर ही सरकार ने उनसे पिछले साल तीन दौर की बातचीत की थी।
जियाबाओ ने कहा, "तिब्बत में हालात स्थिर है। तिब्बती लोग शांतिपूर्ण और स्थिर माहौल में जीने और काम करने की उम्मीद रखते हैं।"
उन्होंने कहा कि तिब्बत के मुद्दे पर चीन का रुख स्थायी और स्पष्ट है। अगर दलाई लामा अपना अलगाववादी रवैया छोड़ देते हैं जो इस मुद्दे पर बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि दलाई लामा अगर इस मसले पर गंभीर रुख अपनाते हैं तो वार्ता तब तक जारी रह सकती है जब तक कि इसका परिणाम न निकले।
चीनी प्रधानमंत्री ने हालांकि कहा, "तिब्बत चीन का अभिन्न हिस्सा है और इससे जुड़ा मुद्दा हमारा आंतरिक मामला है। इसमें दूसरे देशों को दखल नहीं देना चाहिए।"
उधर धर्मशाला में दलाई लामा के कार्यालय में संयुक्त सचिव तेनझिन टकल्हा ने आईएएनएस से कहा, "अगर चीनी सरकार वार्ता प्रक्रिया के प्रति गंभीर है तो हम एक बार फिर आमने-सामने की बातचीत के लिए तैयार हैं।"
तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री समधोंग रिनपोचे ने कहा, "हम बीजिंग में हुई आठवें दौर की वार्ता में मांगों के संबंध में दिए गए घोषणापत्र को लेकर दृढ़ हैं।"
तिब्बत मसले के समाधान के लिए चीनी सरकार और दलाई के प्रतिनिधियों के बीच वर्ष 2002 से लेकर अब तक आठ दौर की वार्ता हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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