माकपा और तृणमूल के लिए 'लखटकिया कार' बनेगी चुनावी मुद्दा
सिंगुर, 13 मार्च (आईएएनएस)। टाटा मोटर्स के लिए भले ही सिंगुर में नैनो परियोजना की बात इतिहास बन चुकी है लेकिन पश्चिम बंगाल के दो प्रमुख राजनीतिक दलों मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और तृणमूल कांग्रेस के लिए आगामी संसदीय चुनावों में यह चुनावी मुद्दा होगा।
स्थाानीय माकपा नेता बालई साबुई ने आईएएनएस से कहा, "स्थानीय लोग नैनो परियोजना के यहां के चले जाने से दुखी है क्योंकि इसमें वे अपने बच्चों का भविष्य देख रहे थे। इसके लिए विपक्षी दल जिम्मेदार हैं।"
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि नैनो मसले से उन्हें फायदा होगा। सिंगुर पंचायत समिति के उपाध्यक्ष बेचाराम माना ने कहा, "मेरा मानना है कि यहां से हम बड़े अंतर से जीतेंगे। नैनो हमारे लिए सकारात्मक भूमिका निभाएगी। जनता हमें वोट इसलिए देगी क्योंकि वह सत्तारूढ़ मोर्चे के उत्पीड़न से तंग हो चुके हैं।"
सिंगुर हूगली संसदीय क्षेत्र में आता है। यहां सात मई को मतदान होगा। यहां पिछली बार माकपा के रुपचंद पाल ने जीत दर्ज की थी। वह यहां से वर्ष 1989 से लगातार लोकसभा चुनाव जीतते आए हैं।
वर्ष 2004 में पाल ने तृणमूल की प्रत्याशी इंद्राणी मुखर्जी को 165,000 मतों से पराजित किया था। कांग्रेस यहां तीसरे स्थान पर रही थी।
तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की। दूसरी ओर माकपा ने इस बार भी पाल को ही उम्मीदवार बनाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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