मुद्रास्फीति की दर 2.43 फीसदी, जून 2002 के बाद निचले स्तर पर (लीड-1)
उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2002 के बाद से यह आंकड़ा सबसे कम है। हालांकि, सप्ताह के दौरान आधिकारिक थोक मूल्य सूचकांक में 0.04 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
आंकड़ों के मुताबिक प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में मामूली 0.1 फीसदी की कमी आई। ईंधन सूचकांक में लगातार दूसरे सप्ताह कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल लिमिटेड के मुख्य अर्थशास्त्री डी. के. जोशी ने कहा कि मुद्रास्फीति की दर में आगे भी ऐसा रुख जारी रहने की संभावना है और यह संभवत: शून्य के स्तर पर भी आ सकती है।
उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में इस साल तीन जनवरी को समाप्त हुए सप्हात के दौरान संशोधित अनुमानों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 5.33 फीसदी रही, जबकि अस्थाई अनुमान में यह 5.24 फीसदी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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