तंबाकू के सेवन पर रोक के लिए इस्लाम बन सकता है माध्यम
कैंसर विशेषज्ञ लाथ याह्या इब्राहीम मुल्ला हुसैन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "दुनिया के मुसलमानों में तंबाकू के इस्तेमाल को रोकने में इस्लाम एक प्रभावी औजार साबित हो सकता है।"
मुंबई में 'तंबाकू या स्वास्थ्य' विषय पर आयोजित विश्व सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए हुसैन ने कहा यह बेहद कड़वा सच है कि मुसलमानों को तंबाकू की लत लगी है।
उन्होंने कहा कि अभी बहुत सारे इस्लामिक विद्वान और मौलवी इस बात से सहमत नहीं हैं कि तंबाकू का सेवन खतरनाक है और यही वजह है इस पर रोक लगाने के लिए उनकी ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
हुसैन ने कहा कि यह बेहद अहम है कि मुसलमानों में तंबाकू के सेवन पर रोक को सुनिश्चित किया जाए। उनके तर्क से इंडोनेशिया, सऊदी अरब, ईरान, मिस्र, तुर्की, बांगलादेश और मलेशिया के प्रतिनिधि भी सहमत दिखे।
उन्होंने कहा कि पवित्र कुरान में तंबाकू के सेवन पर रोक की बात प्रत्यक्ष रूप से नहीं कही गई है लेकिन इसके कुछ संदर्भो का इस्तेमाल तंबाकू के कुप्रभावों के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए जरूर किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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