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मेघालय सरकार ने समर्थन गंवाया

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donkupar roy
शिलांग। मेघालय में बुधवार को एक मंत्री के इस्तीफा देने और कांग्रेस के समर्थन का वादा करने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में मेघालय प्रगतिशील गठबंधन (एमपीए) सरकार ने बहुमत का समर्थन गंवा दिया और राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई है।

शहरी मामलों के मंत्री पाल लिंगदोह ने बुधवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री दानकुपार रॉय को सौंप दिया। विधानसभा में कांग्रेस की ताकत 27 से बढ़कर 30 हो गई है। सोमवार को दो निर्दलीय विधायकों लिमिसन संगमा और ईस्माइल आर.मराक ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली एमपीए सरकार से समर्थन वापस लेकर गठबंधन सरकार को खतरे में डाल दिया था।

अब कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता डी.डी.लपांग ने कहा," हम सरकार गिराने का प्रयास नहीं कर रहे हैं लेकिन अब हम शांत नहीं रह सकते।" उधर मुख्यमंत्री अभी भी निश्चिंत बने हुए हैं और उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है।

सभी की नजरें अब राजभवन पर लगी हैं। कांग्रेस के सरकार गठन का दावा किए जाने के बाद राज्यपाल आर.एस.मूशाहारी के विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए कहने की संभावना है। राजभवन के अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि मार्च 2008 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद लपांग ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बहुमत जुटा पाने में असफल रहने पर 10 दिन बाद लपांग ने विश्वासमत के पहले इस्तीफा दे दिया था।

राजनीतिक अस्थिरता मेघालय की पहचान बन गई है। वर्ष 1998 से 2003 के बीच राज्य में छह गठबंधन सरकारें बनी, इसके परिणामस्वरूप इस दौरान राज्य में चार मुख्यमंत्री बने।

मेघालय के वर्ष 1972 में पूर्ण राज्य बनने के बाद से अब तक केवल दो अवसरों पर मुख्यमंत्री पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने में सक्षम हो पाए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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