देशभर में धूमधाम से मनाई गई होली (राउंडअप)
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। रंगों का त्योहार होली पूरे देश में धूमधाम से मनाई गई। विभिन्न शहरों, कस्बों और गांवों में उड़ रहे अबीर तथा गुलाल ने आसमान को रंगीन बना दिया। सभी समुदाय के लोगों के साथ ही विदेश से आए पर्यकटों ने रंग, संगीत, नृत्य और भोजन का लुत्फ उठाया।
इस बार हालांकि अधिकतर नेताओं ने इस त्योहार से दूरी बनाए रखी लेकिन दिल्ली में आम लोगों ने रंगों और गुलाल से खुद को सराबोर करने में कोताही नहीं बरती।
हर नुक्कड़ और गली में सभी उम्र के लोग 'बुरा न मानो होली है' की भावना के साथ दिखाई दिए। सभी चेहरे रंगों से इस कदर पुते हुए थे कि पहचान में नहीं आ रहे थे।
बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग तक होली का मजा लेने में पीछे नहीं रहे। गाड़ियों में घूमती युवाओं की टोलियां रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति को अपने रंग में रंगने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया।
इस अवसर पर रंगों को एक-दूसरे पर फेंकने का पर्व धूलेंडी भी मनाई गई। लोगों ने इस अवसर पर अपने रिश्तेदारों के घर जाकर एक-दूसरे को बधाई दी।
राजस्थान में विदेशी पर्यटकों ने भी स्थानीय लोगों के साथ होली मनाई। उन्होंने एक दूसरे के चेहरों को रंगों से पोता और इस अनूठे पर्व का आनंद उठाया।
पश्चिम बंगाल में होली अपने पारंपरिक रूप में ढोल यात्रा के रूप में मनाई गई।
मध्य प्रदेश में मंगलवार की रात होलिका दहन के साथ ही होली का रंग छाने लगा था। बुधवार को सुबह से ही हर तरफ टोलियां नजर आने लगीं और लोग एक दूसरे को रंग अबीर तथा गुलाल लगाने में जुटे हैं। राजधानी भोपाल से लेकर इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य शहरों में होली का रंग हर तरफ गहरा रहा है।
मध्य प्रदेश में एक वर्ग ऐसा भी है जिसने रंग की बजाए तिलक होली खेली। तिलक होली खेलने वालों का कहना है कि यह अवसर पानी बचाने का है।
उधर श्रीनगर के एक भीड़ भरे बाजार में होली खेल रहे सुरक्षाकर्मियों पर ग्रेनेड से हमला किया, घटना में एक जवान घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि शहर के मध्य में लाल चौक के समीप अमीर कदल पुल के पास होली खेल रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर ग्रेनेड फेंका गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ग्रेनेड एक बंकर के नजदीक फटा और एक जवान घायल हो गया।
यह हमला उस समय किया गया जब मुस्लिम अपने पैगंबर मुहम्मद साहब का जन्मदिन ईद-ए-मिलाद का उत्सव मना रहे थे। कश्मीर घाटी में इससे संबंधित उत्सव शुक्रवार को समाप्त होंगे।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बुधवार को दो समुदायों के दो गुटों के बीच भिड़ंत पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोली में दो लोगों की मौत हो गई।
गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि होली उत्सव के दौरान उत्पन्न तनाव को सांप्रदायिक हिंसा में तब्दील होने से रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाइर्ं। यह घटना शहर के बीचोबीच भेलपुर थाना के तहत बजरिडिहा की गैरिया मस्जिद के समीप की है।
वाराणसी के शहर पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने टेलीफोन पर आईएएनएस से कहा, "तनाव उस समय पैदा हो गया जब एक समुदाय के कुछ लोगों ने मदरसा से लौट रहे लोगों को रंग लगा दिया। इसके बाद हुई कहासुनी हिंसा में तब्दील हो गई और दोनों गुट शांत होने का नाम नहीं ले रहे थे।"
भूषण ने कहा कि दंगाई पत्थर और गोलीबारी के बारे में बात कर रहे थे, ऐसे में पुलिस के सामने बल प्रयोग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। शुरू में पुलिस ने हिंसा पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन इसी बीच कुछ लोगों ने गोलियां चलाइर्ं और पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
भूषण ने कहा कि पुलिस ने दोनों पक्षों के कम से कम 10-10 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रभावित इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस चौबीसों घंटे गस्त कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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