पाकिस्तान में राजनीतिक टकराव की संभावना बढ़ी (लीड-4)
विपक्ष की गुरुवार से प्रस्तावित 'लांग मार्च' के मद्देनजर पूर्वी पंजाब प्रांत में पुलिस ने विपक्षी पार्टियों और सरकार विरोधी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 150 राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पंजाब और सिंध प्रांत में सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेताओं समेत अन्य पार्टियों के नेता मंगलवार रात को सभाओं पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद जमा हुए थे जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदी आतंकवादियों के प्रदर्शनकारियों पर हमले की आशंका के मद्देनजर लगाया गया है।
मार्च में शामिल होने वाली पार्टियों ने स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया के साथ ही बर्खास्त पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को बहाल किए जाने की मांग पूरी होने तक धरना पर बैठने की घोषणा की है।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों के एक गठबंधन ने कराची से गुरुवार से देशव्यापी लांग मार्च का ऐलान किया है। मार्च सिंध और बलूचिस्तान में शुरू होकर पंजाब प्रांत से होते हुए चार दिन बाद इस्लामाबाद पहुंचेगी, जहां प्रदर्शनकारी संसद के बाहर तब तक धरना देंगे जब तक कि चौधरी को बहाल नहीं किया जाता।
पंजाब प्रांत की सरकार ने लांग मार्च रोकने के मकसद से मंगलवार की रात पीएमएल-एन नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की लेकिन शरीफ ने कहा है कि इससे उनकी योजना पर फर्क नहीं पड़ेगा और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इससे पूर्व पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने चेतावनी दी थी कि अगर शरीफ लांग मार्च पर जाते हैं तो उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा।
इस बीच विपक्षी कार्यकर्ताओं और वकीलों की इस्लामाबाद लांग मार्च को रोकने के लिए बुधवार को पाकिस्तान के अधिकारियों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज शरीफ और उनके भाई शहबाज शरीफ को उनके आवास में नजरबंद करने का निर्णय लिया।
जियो टीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने बुधवार सुबह लाहौर सहित पंजाब के कई जिलों में वकीलों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ अभियान आरंभ किया।
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने नवाज शरीफ, शहबाज शरीफ, जमात-ए-इस्लामी नेता काजी हसन अहमद और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान को उनके आवास में कैद करने का आदेश दिया है।
पुलिस ने पीएमएल-एन और जमात-ए-इस्लामी के कई कार्यकर्ताओं के घरों पर छापा मारा और गिरफ्तारियां की। कई कार्यकर्ता फरार होने में सफल रहे और छुप गए हैं।
जियो टीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने गुजरांवाला, शक्खरपुरा, फैसलाबाद और सियालकोट में भी प्रमुख स्थानों पर छापा मारा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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