पाकिस्तान में देशव्यापी 'लांग मार्च' के मुद्दे पर तनाव (लीड-2)
पाकिस्तान में राजनीतिक अनिश्चतता से स्वात घाटी और कबायली क्षेत्रों में कट्टरपंथियों से मुकाबले पर भी असर पड़ सकता है।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों के एक गठबंधन ने कराची से गुरुवार को लांग मार्च का ऐलान किया है। यह देशव्यापी मार्च चार दिन बाद इस्लामाबाद पहुंचेगा।
मार्च में शामिल होने वाले लोग स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया के साथ ही बर्खास्त पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को बहाल किए जाने की मांग पूरी होने तक तक धरना पर बैठेंगे।
पंजाब प्रांत की सरकार ने लांग मार्च रोकने के मकसद से मंगलवार की रात पीएमएल-एन नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी लेकिन शरीफ ने कहा है कि इससे उनकी योजना पर फर्क नहीं पड़ेगा और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इससे पूर्व पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने चेतावनी दी थी कि अगर शरीफ लांग मार्च पर जाते हैं तो उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा।
इस बीच विपक्षी कार्यकर्ताओं और वकीलों के इस्लामाबाद के लांग मार्च को रोकने के लिए बुधवार को पाकिस्तान के अधिकारियों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज शरीफ और उनके भाई शहबाज शरीफ को उनके आवास में नजरबंद करने का निर्णय लिया है।
जियो टीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने बुधवार सुबह लाहौर सहित पंजाब के कई जिलों में वकीलों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ अभियान आरंभ किया।
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने नवाज शरीफ, शहबाज शरीफ,जमात-ए-इस्लामी नेता काजी हसन अहमद और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान को उनके आवास में कैद करने का आदेश दिया है।
विपक्ष ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जिन न्यायाधीशों को बर्खास्त किया था, उनकी बहाली के लिए वह लांग मार्च निकालेंगे।
पुलिस ने पीएमएल-एन और जमात-ए-इस्लामी के कई कार्यकर्ताओं के घरों पर छापा मारा और गिरफ्तारियां की। कई कार्यकर्ता फरार होने में सफल रहे और छुप गए हैं।
जियो टीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने गुजरांवाला, शक्खरपुरा, फैसलाबाद और सियालकोट में भी प्रमुख स्थानों पर छापा मारा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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