...जब सदन में नहीं बजा राष्ट्रगान

राज्यपाल ने हालांकि तत्परता दिखाते हुए तेज आवाज में स्वयं 'जन गण मन अधिनायक जय हे..' गाना शुरू कर दिया और मंत्रियों और अन्य विधायकों को इसमें सुर मिलाने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही पूरा सदन इसमें शामिल हो गया।
राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद फिर शर्मनाक स्थिति पैदा हुई। गांधी ने फिर सरकार को बचाया और रबिन्द्रनाथ टैगोर की इस रचना का गान शुरू कर दिया।
बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक तकनीकी गड़बड़ी ने सदन के इतिहास में अभूतपूर्व स्थिति पैदा कर दी। विपक्षी विधायकों की सख्त आलोचना के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मामले की जांच का एक आदेश दे दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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