पाकिस्तान सरकार की शरीफ़ को चेतावनी

पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कती है तो उनपर राजद्रोह का आरोप लग सकता है.
नवाज़ शरीफ़ को पाकिस्तान सरकार की ओर से यह चेतावनी ऐसे वक़्त में मिली है जब उनके समर्थक देशभर से इस्लामाबाद चलो के नारे के साथ एक बड़ा मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं.
नवाज़ शरीफ़ की पार्टी, पीएमएल (एन) और उनके समर्थक सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं जिसके तहत नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है.
पाकिस्तान में आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रमुख रहमान मलिक ने सोमवार को इस बाबत कहा कि केवल शांतिपूर्ण ढंग से होने वाले प्रदर्शन की ही अनुमति दी जाएगी.
पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए मलिक ने नवाज शरीफ़ के भाषण के कुछ हिस्सों को पढ़कर सुनाया और कहा कि नवाज़ शरीफ़ लोगों को सरकार के ख़िलाफ़ भड़का रहे हैं.उन्होंने कहा कि ऐसा हुआ और प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़की तो नवाज़ शरीफ़ पर राजद्रोह का मामला बन सकता है.
नवाज़ शरीफ़ की पार्टी के लोग सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का विरोध तो कर ही रहे हैं, साथ ही पकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी की तत्काल बहाली की भी मांग कर रहे हैं.
प्रेक्षकों का कहना है कि इससे नवाज़ को प्रदर्शन के दौरान कुछ बुद्धिजीवियों और बड़े पैमाने पर वकीलों का समर्थन भी मिल सकता है.
बढ़ती अस्थिरता
पाकिस्तान की सरकार केवल नवाज़ नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति और सेना प्रमुख परवेज़ मुशर्रफ़ के हमलों से दो-चार हो रही है.परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि अगर ज़रूर पड़ती है तो वो देश के राष्ट्रपति बनने को तैयार हैं
नवाज़ अपने समर्थकों के साथ सरकार के खिलाफ़ लंबे मार्च की तैयारी कर चुके हैं उधर परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी पाकिस्तान में अस्थिरता पर चिंता जताई है.
परवेज़ मुशर्रफ़ ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति को दुखद बताते हुए चरमपंथ, राजनीतिक संकट और आर्थिक संकट से तुरंत निपटने पर ज़ोर दिया.
उन्होंने देश में बढ़ती चरमपंथी गतिविधियों पर चेतावनी देते हुए कहा, "हमारी पूरी दुनिया में बदनामी हो रही है. दूसरे देश हमारी फ़ौज के बारे में टिप्पणियाँ कर रहे हैं. हमें इस दुनिया में रहना है कि नहीं."
उन्होंने पाकिस्तान की ज़मीन पर विदेशी मिसाइल हमलों की आलोचना की लेकिन ये भी कहा, "ये ख़बर भी ग़लत नहीं है कि सूबा सरहद में चरमपंथी बैठे हुए हैं. ये अल क़ायदा के लोग हैं, अरब हैं, उज़्बेक हैं, यहाँ तक कि चीन से आए हुए हैं और हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं."
मुशर्रफ़ ने इनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत बताते हुए कहा, 'हमें इन लोगों को मार डालना चाहिए'.परवेज़ मुशर्रफ़ ने राजनीतिक दलों पर सेना को बदनाम करने और उसे नीचा दिखाने का आरोप लगाया.पूर्व राष्ट्रपति और सेना प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है और सेना अहम मुद्दों पर चुप नहीं रह सकती है.


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