उज्जैन जिले में सांप्रदायिक हिंसा और पुलिस फायरिंग के बाद कर्फ्यू (लीड-1)
मिली जानकारी के अनुसार महिदपुर में मंगलवार को होली और ईद-मिलादुन्नबी के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। वहां पूर्व में हो चुके सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर भारी सुरक्षाबल पहले से ही तैनात था। उज्जैन के पुलिस महानिरीक्षक पवन जैन ने आईएएनएस को बताया है कि एक समुदाय का दोपहर में धार्मिक जुलूस निकला। जुलूस का समापन कर लौट रहे लोगों में से कुछ लोगों ने एक खास मार्ग से जाने की कोशिश की। इस मार्ग पर दूसरे समुदाय का धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था तो पुलिस ने उन्हें उस मार्ग से जाने से रोका।
पुलिस महानिरीक्षक के मुताबिक पुलिस ने जब उस समुदाय के लोगों को दूसरे मार्ग से जाने को कहा तो वे पुलिस से भिड़ पड़े और पथराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े तो आक्रोशित लोगों ने कई घरों में आग लगा दी। साथ ही दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे पर टूट पड़े। हालात अनियंत्रित होने पर पुलिस ने फायरिंग की।
एक तरफ पुलिस फायरिंग कर रही थी तो दूसरी ओर से पथराव का दौर जारी था। काफी देर तक चले इस संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और पुलिस के अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), नगर निरीक्षक सहित 37 लोग घायल हुए हैं। तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को इंदौर भेजा गया है। वहीं अन्य का उपचार उज्जैन के जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है।
जैन ने बताया है कि महिदपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और हिंसा में शामिल लोगों की धर पकड़ के लिए छापेमारी जारी है। साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल महिदपुर में तैनात कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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