ब्रिटेन में राष्ट्रमंडल की जानकारी कम

ब्रिटेन की संस्था रॉयल कॉमनवेल्थ सोसायटी ने ये सर्वेक्षण राष्ट्रमंडल की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर करवाया.
राष्ट्रमंडल की स्थापना 1949 में की गई थी और तब उसमें आठ देश शामिल थे. ये संख्या अब बढ़कर 53 हो गई है और ये देश विश्व की एक तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं.
ब्रिटेन की महारानी एलिज़बेथ द्वितीय ने पिछले राष्ट्रमंडल दिवस पर कहा था कि राष्ट्रमंडल मानवीय विविधताओं का प्रतिनिधित्व करता है, साथ ही वह स्वतंत्रता, लोकतंत्र और मानवाधिकार जैसे साझा मूल्यों का भी पालन करता है.
महारानी एलिज़बेथ द्वितीय ने कहा था कि राष्ट्रमंडल को युवाओं पर ध्यान देना चाहिए
उन्होंने अपने संबोधन में ये भी कहा कि राष्ट्रमंडल को अभी युवाओं पर ध्यान देना चाहिए जो वर्तमान अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
लेकिन अभी जो सर्वेक्षण सामने आया है उसके अनुसार ब्रिटेन के अधिकांश युवाओं को ना तो राष्ट्रमंडल के बारे में कोई जानकारी है ना ही वे इसके बारे में कोई परवाह भी करते हैं.
विश्लेषकों का मत है कि ये सर्वेक्षण ये संदेश देता है कि राष्ट्रमंडल को यदि और 60 वर्षों तक अपना महत्व बनाए रखना है तो उसे नई पीढ़ी के लोगों तक पहुँच बनाने के लिए नए उपाय करने होंगे.
वैसे सर्वेक्षण में ये भी सामने आया कि बुज़ुर्ग लोगों में 53 प्रतिशत लोगों ने माना कि यदि ब्रिटेन राष्ट्रमंडल से अलग हो जाता है तो इससे उन्हें अफ़सोस होगा.
लेकिन जब यही सवाल 18 से 23 वर्ष की उम्र के लोगों से पूछा गया तो केवल 35 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें ब्रिटेन के राष्ट्रमंडल से बाहर आ जाने पर बुरा लगेगा.


Click it and Unblock the Notifications