लश्कर नेता हाफिज सईद की नजरबंदी कायम

सईद की रिहाई की याचिका पर एक समीक्षा बोर्ड की सुनवाई के बाद लाहौर उच्च न्यायालय के बाहर उसके वकील ने संवाददाताओं से कहा कि न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

वकील ने कहा कि पाकिस्तान सरकार खुद मुंबई हमलों में सईद की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं है। ऐसे में नजरबंदी जारी रखने का क्या औचित्य है?

इस मामले में न्यायालय का निर्णय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मुंबई हमलों से संबंध के आरोप में गिरफ्तार छह लोगों की न्यायिक हिरासत की अवधि 12 मार्च को समाप्त हो रही है। यदि इनकी हिरासत अवधि नहीं बढ़ी तो सईद को रिहा होने के लिए मजबूत आधार मिल जाएगा।

यदि ऐसा हुआ तो लश्कर कमांडर जकीउर रहमान लखवी और संगठन का संचार विशेषज्ञ जरार शाह भी रिहाई मांग सकते हैं।

पाकिस्तान का कहना है कि यदि भारत ने मध्य मार्च तक उसके द्वारा उठाए गए 30 सवालों के जवाब नहीं भेजे तो इन छह लोगों को अधिक दिनों तक कैद में रखना संभव नहीं होगा।

पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने 12 फरवरी को आठ लोगों के खिलाफ मुंबई हमले के संबंध में आरोप पेश किया था। इनमें से छह को पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया, जबकि एक फरार है। एक आरोपी अजमल आमिर कसाब को मुंबई हमलों के दौरान पकड़ा गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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