• search

बीजेडी और बीजेपी का गठबंधन टूटा

|
navin patnaik

उड़ीसा में बीजेडी और बीजेपी के बीच गठबंधन टूट गया है. इसके बाद बीजेपी ने राज्य की सरकार से समर्थन वापस लेते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है.

नवीन पटनायक ने गठबंधन टूटने की घोषणा करते हुए कहा है कि बीजेडी चाहती थी कि चुनाव जीतने की संभावना के आधार पर सीटों का फ़ैसला हो लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं थी.

इसके बाद बीजेपी ने बीजेडी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. इसके बाद यह तय दिखता है कि राज्य में दोनों दल अलग-अलग चुनाव लडेंगे.

हालांकि बीजेपी ने बीजेडी के इस फ़ैसले को अभी स्वीकार नहीं कर रही है और उसके प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ का कहना है कि रविवार को केंद्रीय पदाधिकारी इस मामले में उचित निर्णय लेंगे.

बीजेडी से बातचीत के लिए गए वरिष्ठ भाजपा नेता चंदन मित्रा से हुई बातचीत के बाद के आधार पर बीबीसी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव ने कहा है कि बीजेपी नेता कहें लेकिन उनकी बातचीत से यह साफ़ महसूस हो रहा है कि अब बीजेपी के लिए मंच पर पर्दा गिर चुका है.

गठबंधन टूटा

बीजेडी और बीजेपी उड़ीसा गठबंधन उड़ीसा में सत्तारूढ़ सरकार में भी साथ था और इस गठबंधन ने दो कार्यकाल पूरे कर लिए हैं.वहाँ इस समय लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा के भी चुनाव होने हैं.

पिछले साल ईसाइयों पर हुए हमलों के बाद बीजेपी और बीजेडी के बीच तनाव दिखने लगा था.इन दोनों ही चुनावों के लिए बीजेडी और बीजेपी के बीच सीटों के बँटवारे पर चर्चा हो रही थी.

अब तक दोनों दलों के बीच 4:3 यानी चार अनुपात तीन के हिसाब से सीटों का बँटवारा होता रहा है. इसका मतलब है कि बीजेडी की चार सीटों पर बीजेपी को तीन सीटें. लेकिन अब यह फ़ार्मूला बीजेडी को मंज़ूर नहीं है.

बीजेडी नेता और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि पिछले कुछ समय में बीजेडी का जनाधार बढ़ा है और बीजेपी का जनाधार कम हुआ है, ऐसे में पुराने फ़ार्मूले के आधार पर सीटों का बँटवारा संभव नहीं है.

भुवनेश्वर से स्थानीय पत्रकार संदीप साहू का कहना है कि बीजेपी को विधानसभा के लिए तो बीजेडी को ज़्यादा सीटें देना मंज़ूर था लेकिन वो लोकसभा पर कोई समझौता नहीं करना चाहती.लेकिन यह बीजेडी को स्वीकार्य नहीं है.

बातचीत विफल होने के बाद नवीन पटनायक ने कहा, "यह स्पष्ट है कि अब दोनों दल इस चुनाव में अलग-अलग उतरेंगे."इस गठबंधन का टूटना ग्यारह साल पुराने गठबंधन एनडीए के लिए बुरी ख़बर है, ख़ासकर ऐसे समय में जब वह केंद्र में सत्ता हासिल करने की कोशिशों में लगी हुई है.

पिछले विधानसभा चुनाव में 147 सीटों वाली उड़ीसा विधान सभा में भाजपा-बीजेडी गठबंधन ने 93 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत हासिल किया था. बीजेडी को 61 और बीजेपी को 32 सीटों पर जीत मिली थी.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more