मध्य प्रदेश में साइबर अपराध रोकेगा सॉफ्टवेयर

साइबर अपराध रोकने और साइबर अपराधियों पर नियंत्रण रखने के लिए भोपाल पुलिस और भोपाल इंटरनेट व फोटोकॉपी एसोसिएशन के बीच हुए विचार विमर्श के बाद सभी साइबर कैफे उस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने के लिए तैयार हो गए हैं जिसके जरिए इंटरनेट का उपयोग करने वाले व्यक्ति की आसानी से पहचान की जा सके।

इस नई व्यवस्था के तहत उपयोगकर्ता को साइबर कैफे में अपना पहचान पत्र देना होगा। उसी आधार पर कैफे संचालक उसे पासवर्ड उपलब्ध कराएगा। ऐसा होने पर इंटरनेट का गलत इस्तेमाल करने वाले की पहचान हो सकेगी। साथ ही उस इंटरनेट का इस्तेमाल बिना पासवर्ड वाला व्यक्ति नहीं कर सकेगा।

पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद तथा उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) निमिषा पांडे ने साइबर कैफे संचालकों से भी चर्चा के बाद प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को साइबर अपराध की घटनाओं से अवगत कराया। जिसके आधार पर यह सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इंटरनेट उपयोगकर्ता को सिर्फ एक बार अपनी पहचान देकर पासवर्ड प्राप्त करना होगा, उसे बार-बार पहचान बताने की जरूरत नहीं होगी।

इस नए सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कराने के लिए सभी कैफे संचालक तैयार हो गए हैं। इस प्रणाली का नियंत्रण जिला अपराध शाखा में स्थापित कंट्रोल रूम से होगा। शहर के किसी भी हिस्से में इंटरनेट का उपयोग किया जाता है तो उसकी त्वरित जानकारी जिला अपराध शाखा से प्राप्त की जा सकेगी। इतना ही नहीं कोई व्यक्ति किसी कैफे से गलत जानकारी भेजता है तो उसकी पहचान भी आसानी से हो सकेगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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