मिग विमानों की वायुसेना से विदाई

मिग विमानों की वायुसेना से विदाई

तीन दशकों तक भारतीय वायुसीमा की रक्षा और हवाई चौकसी में अहम भूमिका निभाने वाले मिग-23 युद्धक विमानों की विदाई हो गई है.

इस अवसर पर लुधियाना के हलवारा एयरबेस में बक़ायदा एक समारोह का आयोजन किया गया जहाँ रूस निर्मित मिग-23 बीएन विमानों ने आख़िरी उड़ान भरी.

इसी के साथ शीतयुद्ध के समय अपना कौशल दिखा चुका यह विमान इतिहास के पन्‍नों में चला गया.

पिछले कुछ वर्षों में कई मिग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए और विशेषज्ञों ने इसे हटाने की माँग की थी.

इस मौके पर वायु सेना प्रमुख फली होमी मेजर और पश्चिमी कमान के प्रमुख एयर मार्शल पीके बारबोरा मौजूद थे.

पाकिस्तान को अमरीका से मिले एफ़-16 विमानों को टक्कर देने के लिए रूस ने सत्तर के दशक में भारत को ये विमान उपलब्ध कराए थे.

इसके बेड़े के अधिकतर विमान पहले ही सेवा से बाहर हो चुके हैं जबकि मिग-23 एमएफ़ 2007 में ही हटा दिए गए थे.

उपलब्धियाँ

वायुसेना प्रमुख फली मेजर ने कहा कि इन विमानों के स्थान पर अब कहीं अधिक आधुनिक विमान लिए जाएंगे लेकिन यह भी सच है कि सेवा से विदा होते समय भी मिग-23 उतने ही तेज़-तर्रार दिखाई दिए जितने सेवा में शामिल किए जाने के समय थे.

मिग-23 विमानों ने 2001-02 में करगिल की लड़ाई के दौरान गश्ती उड़ानें भरी थीं. ये रॉकेट की गति से चल सकते हैं.

इन विमानों की पहली परख सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय ध्वज फहराए जाने के लिए हुए ऑपरेशन मेघदूत में हुई थी. तब मिग 23 का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल किया गया.

जम्मू-कश्मीर के बनिहाल दर्रे को रात के समय पार करने वाला यह पहला विमान बना था.

ऑपरेशन सफेद सागर के समय 25 मई 1999 को वायु सेना ने यह विमान टाइगर हिल्स पर दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने के लिए रवाना किया.

यह 57 एमएम के रॉकेट और 500 किलो के बम से लैस था. अगले सात हफ़्ते तक इस विमान ने 155 से अधिक उड़ानें भरी थीं.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+