'लश्कर का मोस्ट वांटेड' गिरफ़्तार

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को 40 से अधिक बम विस्फोट की घटनाओं में अबू ताहेर की लंबे समय से तलाश थी.
केंद्रीय सरकार के गुप्तचर ब्यूरो ने अबू ताहेर की पहचान की पुष्टि कर दी है. ब्यूरो ने दावा किया है कि अबू ताहेर दिल्ली, पानीपत, वाराणसी, मुंबई, हैदराबाद, लुधियाना, सोनीपत, कानपुर और अन्य दूसरे स्थानों में बम विस्फोटों में वांछित हैं.
गिरफ़्तारी
कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ़ ने अबू ताहेर को सियालदाह रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को देर रात गिरफ़्तार किया.
उन्होंने पाकिस्तान में मुरिदके स्थित लश्कर के मुख्य अड्डे में विस्फोटकों की एडवांस ट्रेनिंग ली थी राजीव कुमार, प्रमुख, एसटीएफ
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एसटीएफ़ का दावा है कि अबू ताहेर ने इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश के राजशाही इलाक़े से पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में प्रवेश किया था.
एसटीएफ़ के प्रमुख राजीव कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि अबू ताहेर को उस वक़्त गिरफ़्तार किया गया जब वो मुर्शिदाबाद से सियालदाह पहुँचे थे.
ताहेर पश्चिम बंगाल के पड़ोसी राज्य बिहार के कटिहार के रहने वाले हैं.
अधिकारियों के मुताबिक ताहेर को चरमपंथी अब्दुल क़ादिर करीम टुंडा ने लश्करे तैबा में शामिल किया था. ताहेर भी टुंडा की तरह ही अपने ऑपरेशंस बांग्लादेश से ही अंज़ाम देते थे.
ताहेर और टुंडा के बीच रिश्तेदारी भी है और उनके बीच ससुर-दामाद का रिश्ता है. पुलिस का दावा है कि भारत के प्रमुख शहरों को बम विस्फोट का निशाना बनाने के लिए ये दोनों बांग्लादेश से सटी सीमा से भारत में दाख़िल होते थे.
राजीव कुमार ने बताया कि अबू ताहेर का ठिकाना बांग्लादेश के दिनाजपुर और राजशाही इलाक़ों के मदरसे थे और धमाकों को अंज़ाम देने के लिए वो वहीं से भारतीय सीमा में दाख़िल होते थे.
अबू ताहेर के बारे में कुमार ने कहा, "उन्होंने पाकिस्तान में मुरिदके स्थित लश्कर के मुख्य अड्डे में विस्फोटकों की एडवांस ट्रेनिंग ली थी."
हसीना की सख्ती
गुप्तचर ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश में शेख़ हसीना के सत्तासीन होने के बाद अबू ताहेर और उन जैसे कई इस्लामी चरमपंथी भारत का रुख़ कर रहे हैं.
क्योंकि अब ये ‘मोस्ट वांटेड’ बांग्लादेश से भारत का रुख़ करेंगे इसलिए हमें पूरी सतर्कता बरतनी होगी अधिकारी, आईबी
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शेख़ हसीना सरकार ने हाल ही में इस्लामी चरमपंथियों और पूर्वोत्तर भारत के अलगाववादियों के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाने के आदेश दिए थे.
गुप्तचर ब्यूरो के अधिकारी ने कहा, “क्योंकि अब ये ‘मोस्ट वांटेड’ बांग्लादेश से भारत का रुख़ करेंगे इसलिए हमें पूरी सतर्कता बरतनी होगी.”
शेख़ हसीना सरकार के सत्ता संभालने के बाद पूर्वोत्तर भारत के असम और त्रिपुरा राज्यों के 150 से अधिक अलगाववादी भारतीय सेना के समक्ष समर्पण कर चुके हैं.
ग़ौरतलब है कि भारत ने पिछले साल नवंबर में मुंबई में हमले के लिए लश्करे तैबा को ज़िम्मेदार ठहराया था.
इसके अलावा भारत ने लश्कर को देश के कई और शहरों में भी धमाकों के लिए ज़िम्मेदार बताया है.


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