तिब्बत विद्रोह के 50 साल पूरे

लंदन के संगठन फ्री तिब्बत कैम्पेन ने कहा कि ल्हासा और अन्य क्षेत्रों में पिछले वर्ष जैसे प्रदर्शनों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से संगठन ने कहा कि विद्रोह की वर्षगांठ से पहले भारी मात्रा में सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। फ्री तिब्बत कैम्पेन का कहना है कि भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बावजूद विरोध प्रदर्शन काफी बढ़ रहे हैं।
संगठन के निदेशक स्टीफन ब्रिजेन ने कहा कि अगले सप्ताह तिब्बती विद्रोह की वर्षगांठ से पहले मठों और अन्य स्थानों पर सेना की चुनौतिपूर्ण तैनाती कर चीन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अगले सप्ताह तिब्बत में अधिक विरोध न हो।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष विद्रोह की वर्षगांठ के मौके पर तिब्बत में पिछले दो दशक में सबसे बड़े चीन विरोधी प्रदर्शन और हिंसा हुई। इसके बाद चीन ने तिब्बत में विदेशियों के के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया और केवल सरकार द्वारा आयोजित दौरों में ही विदेशी पत्रकारों को तिब्बत जाने की अनुमति दी। कार्यकर्ता के अनुसार पिछले सप्ताह कई पत्रकारों को तिब्बत जाने से रोका गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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