• search

बढ़ी बेरोज़गारी, गिरे बाज़ार

|
बढ़ी बेरोज़गारी, गिरे बाज़ार

अमरीका में बेरोज़गारी के आँकड़े ऐसे भयावह पिछले कई दशकों में नहीं रहे, पिछले तीन महीनों में अमरीका में 20 लाख से अधिक लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो चुके हैं.

इससे भी चिंताजनक बात ये है कि नौकरियाँ कई उद्योगों से गईं हैं चाहे वो रीटेल क्षेत्र हों या कार कंपनियाँ. लेकिन सबसे बुरी स्थिति है फ़ैक्ट्रियों और भवन निर्माण के क्षेत्र में.

दूसरी ओर, लगातार गिरते हुए दुनिया भर के शेयर बाज़ार, चरमराते बैंक और लड़खड़ाते वाहन उद्योग ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है.

नाकाम उम्मीदें

अमरीका में ओबामा के आने से अर्थव्यवस्था में किसी बड़े बदलाव की अपेक्षा रखने वालों को लग रहा है कि अगर 2008 मुश्किल था तो शायद 2009 के कम से कम पहले छह महीने और भी मुश्किल भरे हो सकते हैं.

लोग कारें नहीं खरीद रहे हैं. हम यहाँ जनरल मोटर्स में कारें बनाने में और कर्मचारियों को तनख्वाह देने में पैसे ख़र्च करते जा रहे हैं. कंपनी के पास पैसे आएँगे तो कहाँ से जेरी गिलेस्पी, मज़दूर नेता

लोग कारें नहीं खरीद रहे हैं. हम यहाँ जनरल मोटर्स में कारें बनाने में और कर्मचारियों को तनख्वाह देने में पैसे ख़र्च करते जा रहे हैं. कंपनी के पास पैसे आएँगे तो कहाँ से

बाज़ार में निकट भविष्य में चिंताएँ कम नहीं हैं. पहले ये ख़बर आ रही थी कि हालात इतने ख़राब हैं कि अमरीका बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर सकता है. फिर अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व के प्रमुख बेन बर्नांके ने कहा कि वो ऐसा कोई क़दम नहीं उठा रहे हैं लेकिन कई बड़े बैंकों की हालत पर चिंता अब भी बनी हुई है.

इसके बाद चीन के आर्थिक पैकेज से कुछ आशाएँ थीं लेकिन उससे भी फ़ायदा नहीं हुआ.

अब नई चिंता है अमरीका की कार कंपनी जनरल मोटर्स की, जिसके बारे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि वो दीवालिएपन के करीब हो सकती है. जनरल मोटर्स में काम करने वाले माइकल मैकगोवन कहते हैं कि अमरीकी लोग अगर विदेशी कारों की बजाय बिग थ्री यानी फ़ोर्ड, जनरल मोटर्स और क्राइस्लर की कारें खरीदें तो बेहतर होगा.

वे कहते हैं, “मैं इसके लिए किसी और पर आरोप नहीं लगाऊँगा. ये ग़लती अमरीकी लोगों की है. बिग थ्री ने यानी अमरीका की फ़ोर्ड, जनरल मोटर्स और क्राइस्लर ने अमरीका और दुनिया को कारें दी थीं. अब अगर अमरीकी जनता विदेशी कारों की बजाय अपनी कंपनियों की कारों को खरीदें तो स्थिति बेहतर हो सकती है. और अगर ऐसा होगा तो हम सबका फ़ायदा होगा.”

जनरल मोटर्स के मज़दूर संगठन नेता जेरी गिलेस्पी कहते हैं कि कंपनी की हालत पतली है, “लोग कारें नहीं खरीद रहे हैं. हम यहाँ जनरल मोटर्स में कारें बनाने में और कर्मचारियों को तनख्वाह देने में पैसे ख़र्च करते जा रहे हैं. कंपनी के पास पैसे आएँगे तो कहाँ से.”

शेयर बाज़ार

अमरीका की समस्या दुनिया के शेयर बाज़ारों में भी झलकती है. पिछले पंद्रह दिनों में भारतीय बैंकों के शेयरों में गिरावट का कारण अमरीकी बैंकिंग सेक्टर की समस्या थी.

शुक्रवार की सुबह जापान में जो गिरावट आई है वो भी इसीलिए क्योंकि अमरीकी कार कंपनियों के बाद आज जापान में भी कार कंपनियों के शेयरों की क़ीमत काफ़ी गिरी है.

अमरीका और जापान के बाद भारत में शेयर बाज़ार का सूचकांक सेंसेक्स 128 अंक ऊपर बंद हुआ और शुक्रवार को यूरोप में भी बाज़ार संभले हैं लेकिन आनेवाले कुछ दिनों को लेकर बाज़ारों में चिंता बनी हुई है.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more