स्वदेश निर्मित मिसाइल इंटरसेप्टर का सफल परीक्षण (लीड-2)
नई दिल्ली/भुवनेश्वर, 6 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने रक्षा क्षेत्र में हैट्रिक लगाते हुए शुक्रवार को स्वदेश निर्मित मिसाइल इंटरसेप्टर का सफल परीक्षण किया। यह इंटरसेप्टर 80 किलोमीटर की ऊंचाई पर 'दुश्मन' बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट कर सकता है।
यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, क्योंकि आबादी वाले इलाकों तथा परमाणु संयत्र जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों को मिसाइल हमले से बचाने के लिए इन स्थलों पर इंटरसेप्टर (अवरोधक) तैनात करना जरूरी था।
इस इंटरसेप्टर को उड़ीसा तट पर स्थित व्हीलर द्वीप से अपराह्न् 4.24 बजे दागा गया।
डीआरडीओ के एक अधिकारी ने दिल्ली में कहा, "इंटरसेप्टर के परीक्षण के लिए 'दुश्मन' मिसाइल के रूप में सतह से सतह पर मार करने वाली धनुष मिसाइल के एक नवीनीकृत रूप को तट से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक नौसैनिक जहाज से छोड़ा गया। जैसे ही वह मिसाइल 120 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाने के बाद नीचे आना शुरू हुआ, इंटरसेप्टर को दाग दिया गया। उसने मिसाइल को सफलतापूर्वक भेद दिया।"
रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार एम.नटराजन, कार्यक्रम निदेशक वी.के.सारस्वत और सैन्य तथा सरकारी अधिकारी शुक्रवार के इस परीक्षण के दौरान गवाह के रूप में उपस्थित थे।
इंटरसेप्टर का पहला परीक्षण वर्ष 2006 में किया गया था।
6 दिसंबर 2007 को डीआरडीओ ने दूसरी बार 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक मार करने वाले एक स्वदेशी इंटरसेप्टर का परीक्षण किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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