पाकिस्तान में आतंकवाद से लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं : मुखर्जी
राजधानी के होटल ताज पैलेस में आयोजित 'इंडिया टुडे कांक्लेव' को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा, "जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के तौर पर इस्तेमाल करते आए हैं, उन देशों को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से अपने यहां स्थित आतंकवादी ढांचों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देने के लिए मजबूर कर देना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि दुनिया अब आतंकवाद को जड़ से मिटाने की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।
मुखर्जी ने कहा, "इसी सप्ताह लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेटरों पर हुए आतंकवादी हमले ने दर्शा दिया है कि पाकिस्तान में न सिर्फ आतंकवाद का मुकाबला करने की इच्छाशक्ति का अभाव है बल्कि उसमें यह लड़ाई लड़ने का माद्दा भी नहीं है।"
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या को सुलझाने के लिए पूरे विश्व समुदाय को तत्काल आगे आना चाहिए क्योंकि इसकी आंच से अब कोई भी देश अछूता नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि लगतार बढ़ रही आतंकवादी घटनाएं विश्व के हर एक नागरिक के लिए चिंता का सबब बनी हुई हैं, जिसमें हम सभी भारतीय भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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