हमले की पहले से जानकारी थीः ब्रॉड

ब्रॉड का आरोप है कि श्रीलंकाई टीम और अंपायरों पर होने वाले आतंकवादी हमले की किसी को पहले से जानकारी थी इसीलिए पाकिस्तानी टीम की बस रोक कर रखी गई थी ताकि उन्हें खतरे से दूर रखा जा सके।
दोनों ने पाकिस्तान सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आतंकवादियों के हमले के दौरान सुरक्षाकर्मी भाग खड़े हुए थे। साइमन टॉफैल ने कहा है कि वे और उनके साथी अंपायर आतंकियों की बंदूकों के सामने बेसहारा थे और सुरक्षाकर्मी उन्हे छोड़कर भाग गए थे। |
साइमन टॉफैल, उनके साथी अंपायर स्टीव डेविस, पाकिस्तानी अंपायर अहसान रजा (जिन्हें गोली लगी है और वे आईसीयू में भर्ती हैं) तथा इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड एक ही वैन में थे और यह वैन श्रीलंकाई टीम को ले जा रही बस के पीछे-पीछे चल रही थी।
ब्रॉड ने कहा है कि हमले के दिन पाकिस्तानी टीम की बस, श्रीलंकाई खिलाड़ियों की बस के रवाना होने के पांच मिनट बाद क्यों रवाना की गई जबकि इससे पहले दोनों दिन दोनों टीमें एक साथ स्टेडियम के लिए रवाना हुई थीं। हमला मैच के तीसरे दिन हुआ जिस दिन पाकिस्तानी टीम, श्रीलंकाई टीम के साथ नहीं गई।
टॉफैल ने कहा श्रीलंकाई टीम की बस गोलियों के बीच चलती रही, जबकि ुरक्षाकर्मी हमें छोड़कर भाग गए और हमारा ड्रायवर मारा गया। टॉफैल ने बेहद नाराजगी भरे अंदाज में सवाल पूछे हैं, “आप बताएं कि क्यों एक भी आदमी
पकड़ा नहीं गया? आखिर क्यों? जब आपके काफिले में हथियारों से लैस 25 कंमाडो हैं, और टीम बस चली जा रही थी, तो हमें खतरे में क्यों छोड़ दिया गया"।
साथी अंपायर स्टीव डेविस भी टॉफैल की बातों से सहमत हैं, “हमले के समय दूर-दूर तक कोई सुरक्षा नहीं थी। मैं निराश और गुस्सा हूं"। डेविस ने कहा कि पाकिस्तान जाने से पहले हमसे सुरक्षा को लेकर कई वादे किए गए थे, सब
धरे के धरे रह गए।


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