एजीपी और बीजेपी में समझौता

असम के प्रमुख राजनीतिक दल असम गण परिषद (एजीपी) और भारतीय जनता पार्टी के बीच आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीटों का समझौता हो गया है.
भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसकी घोषणा की. उन्होंने बताया कि राज्य की 14 लोकसभा सीटों में से आठ पर भाजपा और छह पर एजीपी चुनाव लड़ेगी.
राज्य की नवगाँव, मांगलडोई, गुवाहाटी, जोरहाट, सिलचर, क़रीमगंज, डिफू और दुबरी लोकसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे.
तालेमल
वहीं, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, तेजपुर, बारपेटा, कालियाबोरा और कोकराझार सीट पर एजीपी के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे. राजनाथ सिंह ने बताया कि विधानसभा चुनाव में एजीपी बड़ी सहयोगी पार्टी होगी और भाजपा छोटी.
एजीपी लोकसभा का चुनाव अपने घोषणापत्र के आधार पर लड़ेगी और यह समझौता केवल संसदीय चुनाव के लिए है विधानसभा चुनाव के लिए नहीं चंद्रमोहन पटवारी, अध्यक्ष एजीपी
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का देशभर में भौगोलिक और राजनीतिक विस्तार हो रहा है और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में लोगों और राजनीतिक दलों का विश्वास काफ़ी बढ़ा है.
एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी ने एजीपी को राष्ट्रवादी आंदोलन से निकली पार्टी बताया.
उम्मीद
उन्होंने कहा कि एजीपी से समझौता होने से एनडीए को पूर्वोत्तर की 24 लोकसभा सीटों में बढ़त मिलेगी.एजीपी के अध्यक्ष चंद्रमोहन पटवारी ने राज्य की कांग्रेस और केंद्र की यूपीए सरकार पर राज्य की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि देश और राज्य के लोग परिवर्तन चाहते हैं और यह परिवर्तन आडवाणी के नेतृत्व में ही लाया जा सकता है.पटवारी के मुताबिक़ उनकी पार्टी लोकसभा का चुनाव अपने घोषणापत्र के आधार पर लड़ेगी और यह समझौता केवल संसदीय चुनाव के लिए है, विधानसभा चुनाव के लिए नहीं.


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