गांधीजी के सामानों की नीलामी रूकवाने का प्रयास
वार्ता का केंद्र बिंदु गांधी के सामानों की नीलामी वापस लेने के बदले भारत के गरीबों को सहायता बढ़ाने या फिर गांधीजी पर एक सचल विश्व प्रदर्शनी के प्रायोजन का उनका प्रस्ताव है।
बुधवार को न्यूयार्क में भारतीय वाणिज्यिक दूत प्रभु दयाल से वार्ता के बाद ओटिस ने तीन पन्नों का प्रस्ताव भेजा।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार ओटिस ने कहा कि प्रदर्शनी के बारे में काफी सकारात्मक रुख था। अखबार के अनुसार दोनों पक्षों के गुरुवार दोपहर बाद (भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह) किसी समझौते पर पहुंचने की आशा है।
उधर प्रभु दयाल ने कहा कि यदि नीलामी होती है तो कोई भी अर्थपूर्ण वार्ता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ओटिस की मांगों पर सहमत होने का उनके पास कोई अधिकार नहीं है और वह उनके प्रस्ताव से भारत सरकार को केवल अवगत करा सकते हैं।
ओटिस और जार्ज मेसन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तथा उनके सहकर्मी लेस्टर कुट्र्ज ने कहा कि गुरुवार सुबह उन्होंने दयाल और अन्य कई भारतीय राजनयिकों के साथ दो घंटे बिताए।
ओटिस ने बुधवार को कहा था कि यदि भारत एक विश्व सचल प्रदर्शनी का प्रायोजन करने पर सहमत हो तो वह महात्मा गांधी की हत्या के समय के खून के नमूने और उनकी अस्थियों को नई दिल्ली को दे सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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