माकपा सांसद ने पार्टी से निष्कासित होते ही तृणमूल कांग्रेस की शरण ली
माकपा के बर्धबान जिला सचिव अमल हालदार ने गुरुवार की सुबह आरोप लगाया था कि टिकट नहीं दिए जाने के कारण मंडल पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं।
हालदार ने कहा, "परिसीमन के बाद उनके लोकसभा क्षेत्र का अस्तित्व नहीं रहा। इस वजह से उन्हें टिकट नहीं दिया गया। लेकिन इस बात को वे पचा नहीं पाए और तृणमूल कांग्रेस से गुपचुप वार्ता शुरू कर दी। गुरुवार की सुबह हमने एक बैठक की और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उन्हें निष्कासित कर दिया।"
इस घटनाक्रम के बाद मंडल ने दक्षिण कोलकाता में कालीघाट स्थित तृणमूल सुप्रीमो ममता बनजी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और पार्टी में शामिल हो गए। बाद में उन्हें तृणमूल कांग्रेस की राज्य समिति में उपाध्यक्ष भी बना दिया गया।
पार्टी में मंडल का स्वागत करते हुए बनर्जी ने कहा, "उनकी स्वच्छ छवि रही है। यहां मैं स्पष्ट कर दूं कि मंडल ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की मांग नहीं की है।"
ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि कुछ दिन और इंतजार कीजिए जल्द ही हम उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगे।
मंडल 2006 में कटवा से लोकसभा उपचुनाव में माकपा के टिकट पर निर्वाचित हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूूज सर्विस।
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