लाहौर हमला पाकिस्तानी क्रिकेट को तबाह करने की साजिश : मुशर्रफ (लीड-1)
उधर लाहौर के पुलिस आयुक्त परवेज खुसरो ने स्वीकार किया है कि सुरक्षा खामियों के कारण ही श्रीलंकाई क्रिकेटरों पर मंगलवार को आतंकवादी हमला हुआ था।
मुशर्रफ ने लाहौर हमले पर पहली बार सार्वजनिक तौर पर टिप्पणी करते हुए गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, "जो भी हुआ, बुरा हुआ। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह पाकिस्तान के खिलाफ साजिश और पाकिस्तानी क्रिकेट को तबाह करने की कोशिश है।"
उन्होंने कहा, "क्रिकेट का बहुत नुकसान हुआ। यह बहुत बुरा हुआ।"
सुरक्षा बलों की कड़ी आलोचना करते हुए मुशर्रफ ने कहा, "सुरक्षा बलों को श्रीलंकाई टीम पर हमला करने वालों को ढेर कर देना चाहिए था। वहां बेहतरीन सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे और उन्हें ऐसी किसी भी घटना के तीन सेकेंड के भीतर जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए थी।"
मुशर्रफ ने बहादुरी नहीं दिखाने पर मौका-ए-वारदात के आसपास रहने वाले लोगों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को तत्काल हरकत में आना चाहिए था। किसी जांबाज को अपनी कार के नीचे इन आतंकवादियों को रौंद देना चाहिए था। जनता ने कुछ भी नहीं किया।"
उधर लाहौर के पुलिस आयुक्त परवेज खुसरो ने कहा, "सुरक्षा में कई खामियां थीं। यह बहुत साफ दिख रहा है।" मंगलवार को होटल से गद्दाफी स्टेडियम जाते वक्त हुए हमले में श्रीलंका के छह क्रिकेटर जख्मी हुए थे जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात इतने ही पुलिसकर्मी मारे गए थे।
खुसरो ने कहा कि हमले के वक्त टीम की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को पीछे से दूसरी टुकड़ियों की मदद मिलनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका क्योंकि वहां पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी नहीं थे।
उन्होंने कहा, "सभी काफिलों के साथ एक बाहरी सुरक्षा घेरा होता है लेकिन इस घटना के वक्त बाहरी घेरा या तो था ही नहीं या फिर वह हमले का जवाब देने की स्थिति में नहीं था। इसके अलावा श्रीलंकाई टीम के काफिले में शामिल वाहन भी पर्याप्त नहीं थे।"
खुसरो ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों का मुख्य लक्ष्य श्रीलंकाई खिलाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना था न कि आतंकवादियों से लड़ना।
उन्होंने कहा, "सुरक्षा में भारी कमी थी। यह स्वीकार करने में कोई हर्ज नहीं। जहां तक हमलावरों के भागने का सवाल है तो लाहौर को पूरी तरह घेरना संभव नहीं था, लिहाजा हमने उनके भागने के रास्तों से मिली सूचना के आधार पर ही उनका पीछा करने का फैसला किया।"
इंडो-एशियन न्यू्ज सर्विस।
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