• search

गांधीजी की चीज़ें: भारत बोली के लिए तैयार

Subscribe to Oneindia Hindi
mahatama gandhi

न्यूयॉर्क में नीलामी में गुरुवार को महात्मा गांधी की निजी वस्तुएँ नीलाम होनी हैं. भारत सरकार उन्हें स्वदेश लाने के लिए बोली लगाने को भी तैयार है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमरीका में अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वह महात्मा गांधी की यादगार निजी वस्तुओं को देश के लिए हासिल करने की हर संभव कोशिश करें, फिर चाहे इसके लिए उन्हें नीलामी में बोली ही क्यों न लगानी पड़े.

न्यूयॉर्क का एंटीक़ोरम ऑक्शनीयर्स गांधीजी की पहचान वाले गोल फ़्रेम वाले चश्मे, एक जोड़ी चमड़े की चप्पलें, एक मामूली क़ीमत की जेब घड़ी और पीतल का प्याला और थाली एक साथ नीलाम करने जा रहा है.

 ये हमारी राष्ट्रीय विरासत है. समाचारपत्रों के ज़रिए सरकार का ध्यान इस नीलामी की ओर आकर्षित किया गया. इस बारे में जांच पड़ताल की गई.प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की नेता सोनिया गांधी का मानना है कि जो चीज़ें भारत की हैं उन्हें हमारे पास आना चाहिए   विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा

 ये हमारी राष्ट्रीय विरासत है. समाचारपत्रों के ज़रिए सरकार का ध्यान इस नीलामी की ओर आकर्षित किया गया. इस बारे में जांच पड़ताल की गई.प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की नेता सोनिया गांधी का मानना है कि जो चीज़ें भारत की हैं उन्हें हमारे पास आना चाहिए

विफल रहे तुषार गांधी

गांधी जी के परपोते तुषार गांधी ने कहा है कि वह गांधी जी की यादगार निजी वस्तुओं की बोली लगाने के लिए भारतीय जनता से प्रयाप्त धन एकत्र करने में विफल हो गए हैं.

भारत के विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि भारत की आज़ादी के 'हीरो' की निजी वस्तुओं को हासिल करने के लिए नीलामी में बोली लगाने समेत हर संभव क़दम उठाए जाएंगे.

उन्होंने कहा "ये हमारी राष्ट्रीय विरासत है. समाचारपत्रों के ज़रिए सरकार का ध्यान इस नीलामी की ओर आकर्षित किया गया. इस बारे में जांच पड़ताल की गई."

उन्होंने कहा "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की नेता सोनिया गांधी का मानना है कि जो चीज़ें भारत की हैं उन्हें हमारे पास आना चाहिए."

वापसी की शर्तें

गोल फ़्रेम वाला चश्मा, एक जोड़ी चमड़े की चप्पलें, एक जेब घड़ी और पीतल का प्याला-थाली नीलाम होंगे. इस नीलामी के पीछे, गांधीजी की निजी वस्तुओं को जमा करने वाले अमरीकी नागरिक का कहना है कि वे गांधीजी की ये चीज़ें भारत सरकार को देने को तैयार हैं, बशर्ते सरकार ग़रीबों की ज़्यादा मदद करने को तैयार हो.

गांधी की नीलाम होने वाली वस्तुओं के मालिक जेम्स ओटिस ने कहा कि वह गांधीजी की वस्तुएं भारत सरकार को देने को तैयार हैं.शर्त ये रखी गई है कि भारत सरकार ग़रीबों पर ख़र्च की जाने वाली राशी को कुल राष्ट्रीय उत्पादन के एक प्रतिशत से बढ़ा कर पांच प्रतिशत कर दे.

न्यूयॉर्क का एंटीक़ोरम ऑक्शनीयर्स के प्रतिनिधि का कहना है कि उनकी शुरूआती बोली 20 हाज़ार से 30 हज़ार अमरीकी डॉलर होगी.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more