एसबीआई ने लखनऊ में खोला देश का पहला केंद्रीकृत करेंसी चेस्ट (लीड-1)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लखनऊ परिक्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक शिवकुमार ने लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि लखनऊ में स्थापित हुई कैश फैक्ट्री नाम की इस करेंसी एडमिनिस्ट्रेटिव ब्रांच को अत्याधुनिक विदेशी मशीनों से सुसज्जित किया गया है। इसमें नकली नोटों की शीघ्र पहचान करने वाली मशीनें तो लगाई जा ही रही हैं। साथ ही साथ जनता को गंदे और खराब नोट नहीं मिलें, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
कुमार के मुताबिक एसबीआई ने प्रदेश के ज्यादातर शहरों में एक केंद्रीकृत करेंसी चेस्ट खोलने की योजना बनाई है। लखनऊ के बाद प्रदेश में अगली कैश फैक्ट्री कानपुर में स्थापित की जाएगी। कैश फैक्ट्री सीधे तौर पर बैंकों और एटीएम को कैश भेजेगी। कैश फैक्ट्री में नोटों की पड़ताल करने वाली अत्याधुनिक मशीनें लगी होंगी, इसलिए जनता को नकली नोटों से निजात मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिन-जिन शहरों में यह कैश फैक्ट्री स्थापित होगी, उस शहर के करेंसी चेस्ट रिजर्व बैंक आफ इंडिया की इजाजत के बाद धीरे-धीरे बंद कर दिए जाएंगे। इससे मैन पावर में तो कटौती होगी ही साथ ही साथ बैंक को निगरानी करने में भी आसानी होगी। इसके तहत पहले चरण में यह कैश फैक्ट्री चूंकि लखनऊ में स्थापित हो चुकी है इसलिए रिजर्व बैंक की इजाजत लेकर लखनऊ के सभी तेरह करेंसी चेस्ट धीरे-धीरे बंद किए जाएंगे।
शिवकुमार ने बताया कि इस समय उत्तर प्रदेश में स्टेट बैंक के तीन सौ करेंसी चेस्ट है, यह करेंसी चेस्ट रिजर्व बैंक की देखरेख में चलते हैं और इन्हीं करेंसी चेस्ट के माध्यम से स्टेट बैंक की शाखाओं और एटीएम में नोटों और सिक्कों की सप्लाई होती है।
कुमार के अनुसार इतने अधिक करेंसी चेस्ट होने के कारण इनके ऊपर रिजर्व बैंक के साथ-साथ स्टेट बैंक को भी निगरानी रखना काफी मुश्किल होता है। इसीलिए स्टेट बैंक आफ इंडिया ने प्रत्येक शहर में एक ही केंद्रीकृत करेंसी चेस्ट स्थापित करने का फैसला किया।
उन्होंने बताया कि कैश फैक्ट्री अत्याधुनिक विदेशी मशीनों से तो सुसज्जित होगी ही साथ ही यहां विशेष रूप से प्रशिक्षित बैंक स्टाफ की भी नियुक्त की जाएगी। गत वर्ष उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से लगे सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज की स्टेट बैंक शाखा के करेंसी चेस्ट में कैशयिर सुधाकर त्रिपाठी समेत बैंक के अन्य कर्मचारियों द्वारा ही करीब चार करोड़ रुपए के नकली नोट रख देने का मामला भी सामने आया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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