गांधी की धरोहरों के संग्राहक ने भारतीय पेशकश ठुकराई
वाशिंगटन, 4 मार्च (आईएएनएस)। महात्मा गांधी की धरोहरों की नीलामी की योजना बनाने वाले अमेरिकी संग्राहक ने कहा है कि उन्होंने भारत की ओर से की गई उदार लेकिन बहुत कम धनराशि की पेशकश ठुकरा दी है।
माना जा रहा है कि अब पांच मार्च को नीलामी पूर्व कार्यक्रम के मुताबिक होगी।
जेम्स ओटिस ने मंगलवार को आईएएनएस को लास एंजेलिस से फोन पर बताया, "भारतीय अधिकारियों ने आज सुबह मुझसे संपर्क किया और उदार लेकिन बहुत कम धनराशि की पेशकश की, जिससे मैंने सम्मानपूर्वक इंकार कर दिया।"
45 वर्षीय शांति कार्यकर्ता ने यह नहीं बताया कि वह पेशकश क्या थी। उन्होंने कहा, "इतनी कम धनराशि की पेशकश की गई थी कि मैं उसे दोहराना तक नहीं चाहता।"
लेकिन वे बुधवार सुबह 10 बजे फेयरफैक्स में जार्ज मैसोन यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर लेस्टर कट्र्ज के साथ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात को राजी हो गए। ओटिस दशक भर से गांधीवादी कट्र्ज के साथ काम कर रहे हैं।
नीलाम होने वाली वस्तुओं में गांधीजी की जेब घड़ी, चश्मा, सैंडल, कटोरा और तश्तरी शामिल हैं। न्यूयार्क की नीलामी संस्था एंटीकोरम ऑक्शनर्स ने भी कहा है, "दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से लगाई गई अंतरिम रोक के बावजूद नीलामी होगी।"
नीलामी करने वाली संस्था के प्रतिनिधि ने आईएएनएस को बताया, "भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हमसे संपर्क किया है और हम उनसे मुलाकात कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि बैठक कब होगी और वे किस बारे में चर्चा करेंगे।
भारतीय दूतावास ने भी इस नीलामी को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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