नेपाली दलों को भारत के चुनावी नतीजों का इंतजार
काठमांडू, 3 मार्च (आईएएनएस)। अपने दक्षिण पड़ोसी देश भारत में आम चुनाव की घोषणा नेपाल के लिए महत्वपूर्ण खबर है और यहां की राजनीतिक पार्टियों को चुनावी नतीजे का इंतजार रहेगा। कई पार्टियों का मानना है कि भारत में सत्ता समीकरण बदलने से नेपाल के साथ उसके रिश्ते पर भी असर पड़ेगा।
वर्ष 2006 में जब माओवादी पार्टी भूमिगत हुआ करती थी, तब कांग्रेस के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने उसे आतंकवादी संगठन का दर्जा दे रखा था। बाद में भारत सरकार ने माओवादियों और प्रमुख नेपाली दलों के बीच सुलह का समर्थन किया। भारतीय कम्यूनिस्ट और समाजवादी नेताओं ने नेपाल में माओवादियों और प्रमुख नेपाली पार्टियों के बीच सुलह में असरदार भूमिका निभाई।
वैसे, जब माओवादियों ने चुनाव में भाग लिया तो भारत सरकार ने नेपाली कांग्रेस के नेता गिरिजा प्रसाद कोइराला के प्रति झुकाव दिखाया। भारत सरकार उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहती थी। जाहिर है, नेपाली माओवादियों की नजर में भारत के कम्यूनिस्ट नेता ही विश्वसनीय हैं।
नेपाली कांग्रेस चाहेगी कि भारत में फिर से कांग्रेस की सरकार बने, जबकि राजशाही के समर्थक भाजपा की सत्ता में वापसी का सपना देख रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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