आरआईएल-आरपीएल के विलय का फ़ैसला

निदेशक मंडल की सोमवार को हुई बैठक में रिलायंस पेट्रोलियम के 16 शेयरों के बदले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का एक शेयर देने का फ़ैसला किया गया.
निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी घरेलू रिफाइनिंग कंपनी आरआईएल पहली बार अपनी रिफाइनिंग सहयोगी कंपनी का विलय कर रही है.
उद्योग जगत के परामर्शदाताओं और केमसिस्टम्स ने आरपीएल की संपत्ति का मूल्यांकन 21 हज़ार करोड़ रुपए किया है.
विलय के बाद आरआईएल में प्रवर्तकों की इक्विटी शेयरधारिता मौजूदा 44 फ़ीसदी से घटकर 34 फ़ीसदी पर आ जाएगी.
जानकारों का मानना है कि इस विलय से आरआईएल की कार्य कुशलता बढ़ेगी और इससे कंपनी की वित्तीय ताकत में भी बढ़ोत्तरी होगी.
रिलायंस इंड्रस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत में जाना-पहचाना नाम है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी है.
इतना ही नहीं मुकेश अंबानी को रिलायंस की उत्पादन क्षमता में ज़बरदस्त सुधार का श्रेय भी जाता है.
बँटवारे के बाद मुकेश अंबानी ने रिटेल क्षेत्र को अपना निशाना बनाया है और वे इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं. देश के कई जगहों पर उन्हें विशेष आर्थिक ज़ोन बनाने की अनुमति भी मिली है.


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