फ़लस्तीनियों की सहायता पर सम्मेलन

इनमें से ज़्यादातर सहायता राशि ग़ज़ा के पुनर्निर्माण के लिए दी जाएगा. इसराइल ने हाल ही में ग़ज़ा पर सैनिक कार्रवाई की थी, जिससे ग़ज़ा में काफ़ी नुक़सान हुआ था.
अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि उनका देश 90 करोड़ डॉलर की सहायता राशि देगा.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमरीका मध्य पूर्व में शांति के लिए भी जी-जान से कोशिश करेगा.
ग़ज़ा संकट पर हमारा आज का जवाब व्यापक रूप से शांति स्थापित करने के प्रयासों से अलग नहीं किया जा सकता हिलेरी क्लिंटन
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सम्मेलन में हिस्सा लेने आए ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी के प्रमुख जॉन गिंग ने कहा कि मुख्य मुद्दा धन नहीं है, मुख्य मुद्दा ये है कि इसराइल ने अभी तक ग़ज़ा की घेराबंदी ख़त्म नहीं की है.
उन्होंने कहा कि इस समय बुनियादी मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए पर्याप्त रास्ते नहीं हैं. इसराइल ग़ज़ा में पुनर्निर्माण कार्यों के तहत मकान बनाने के लिए सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दे रहा है.
इसराइल का कहना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल सैनिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.
मांग
फ़लस्तीनी प्रशासन ने ग़ज़ा में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 2.8 अरब डॉलर की मांग की है. लेकिन फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास का कहना है कि राजनीतिक प्रस्ताव के बिना धनराशि अपर्याप्त है.
इसराइली कार्रवाई में ग़ज़ा को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है
अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भी इस तर्क से सहमत हैं. सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "ग़ज़ा संकट पर हमारा आज का जवाब व्यापक रूप से शांति स्थापित करने के प्रयासों से अलग नहीं किया जा सकता."
उन्होंने कहा कि सहायता देने का मुख्य मक़सद ऐसा महौल तैयार करना है जिसमें एक फ़लस्तीनी राष्ट्र पूरी तरह अहसास किया जा सके.
दिसंबर और जनवरी में इसराइल ने फ़लस्तीनी चरमपंथियों की ओर से रॉकेट हमले के जवाब में ग़ज़ा में सैनिक कार्रवाई की थी, जिसमें 1300 फ़लस्तीनी मारे गए थे. इनमें 412 बच्चे थे.
महमूद अब्बास ने कहा कि सहायता राशि का स्वागत है लेकिन हमें इसराइल के साथ संघर्ष का न्यायपूर्ण हल निकालने पर ज़ोर देना चाहिए.


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