पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकाने सर्वाधिक चिंता का कारण: अमेरिका
वाशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स का कहना है कि पाकिस्तान में तालिबान और अन्य आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकाने अफगानिस्तान में जारी अमेरिका के आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में सबसे ज्यादा चिंता का कारण है।
1980 के दशक में जब अमेरिका और पाकिस्तान अफगान मुजाहिदीनों को सोवियत संघ की सेनाओं के खिलाफ समर्थन दे रहे थे उन दिनों अमेरिका के भी पाकिस्तान में ऐसे ही ठिकाने थे। रॉबर्ट का मानना है कि इनसे बहुत फर्क पड़ता है।
एनबीसी के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "जब तक उनके पास सुरक्षित ठिकाने रहेंगे तब तक हमें अफगानिस्तान में दिक्कते पेश आती रहेंगी।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि पाकिस्तान की सीमा में सिर्फ अल कायदा और तालिबान के ही नहीं बल्कि गुल्बुद्दीन हिकमतयार के हकानी नेटवर्क और अन्य गुटों के ठिकाने भी हैं जो एकजुट होकर काम कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया, "वे सभी अलग-अलग गुट हैं लेकिन वे एकजुट होकर काम कर रहे हैं और मुझे लगता है कि जब तक सुरक्षित ठिकाने बने रहेंगे तब तक वे हमारे लिए समस्या बने रहेंगे।"
इस बीच ज्याइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन ने सीएनएन पर बताया कि सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने की अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई की विफलता ने मौजूदा हालात के बनने में बहुत योगदान दिया है।
गेट्स और मुल्लेन दोनों ने ही उन हवाई हमलों पर चर्चा नहीं की जिन्हें अमेरिकी लड़ाकू विमान अंजाम दे रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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