चुनावी महासमर की घोषणा, 5 चरणों में होगा मतदान (लीड-3)
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने सोमवार को राजधानी में चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत घोषणा की।
लोकतंत्र के इस महापर्व में 545 सदस्यीय 15वीं लोकसभा के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न कराए जाएंगे, जिसमें 60 लाख से अधिक कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी।
पहले चरण में 124 सीटों पर, दूसरे चरण में 141, तीसरे चरण में 107, चौथे चरण में 85 और पांचवें चरण में 86 सीटों पर मतदान करवाया जाएगा।
पूरे पांच साल बाद होने जा रहे इन चुनावों की घोषणा का सभी राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। इससे पहले अप्रैल-मई 2004 में हुए आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की हार हुई थी और कांग्रेस के नेतृत्व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार बनी थी।
गोपालस्वामी ने कहा कि लोकसभा के साथ ही आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और सिक्किम विधानसभा के लिए भी चुनाव करवाए जाएंगे। इसके साथ ही मिजोरम, झारखंड और कर्नाटक की एक-एक सीट पर और नागालैंड की चार सीटों पर उपचुनाव भी करवाए जाएंगे।
स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए देश भर में 40 लाख से अधिक कर्मचारियों और 21 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को 828,800 मतदान केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। यह संख्या वर्ष 2004 में तैनात किए गए कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। इस पर्व में कुल 13.6 लाख इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा।
गोपालस्वामी ने कहा कि अस्थिर जम्मू एवं कश्मीर सहित देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पांच चरणों में मतदान होगा, जबकि बिहार में चार चरणों में मतदान करवाया जाएगा।
महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल में तीन चरणों मतदान होगा। आठ राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मणिपुर, उड़ीसा और पंजाब में दो चरणों में मतदान सम्पन्न होगा।
बाकी 15 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एक ही चरण में मतदान सम्पन्न करवा लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त, जो 20 अप्रैल को अवकाश प्राप्त करने वाले हैं, ने चुनाव में धन बल के उपयोग पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव तारीखों की घोषणा राजनीतिक दलों, मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद की गई।
उन्होंने कहा कि इन तारीखों की घोषणा में स्थानीय छुट्टियों, पर्वो और स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखा गया है।
लोकसभा सीटों के परिसीमन के बाद यह पहला आम चुनाव है।
निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पूरे देश की मतदाता सूचियों में संशोधन किया गया है और 543 में से 522 निर्वाचन क्षेत्रों में फोटो पहचान पत्र का उपयोग किया जाएगा। 545 सदस्यीय लोकसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के दो सदस्यों का मनोनयन राष्ट्रपति करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications