वित्तीय संकट अभी समाप्त नहीं हुआ : जियाबाओ (लीड-1)
जियाबाओ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर चीन सख्त कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन के पूर्व तटीय इलाके ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उन इलाकों की अर्थव्यवस्था ज्यादातर निर्यात व श्रम आधारित है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मांग की कमी भी प्रवासी श्रमिकों की बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का कारण है।
जियाबाओ ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट का रुख मोड़ने के लिए चीन ने एक राहत पैकेज की घोषणा की है।
दो घंटे तक जारी चैट में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हर सवाल का जवाब तो नहीं दे सकते हैं लेकिन वह जो भी कहेंगे ईमानदारी और साफ दिल से कहेंगे।
पिछले वर्ष जून में राष्ट्रपति हू जिंताओ ने भी लोगों से ऑनलाइन बातचीत की थी।
प्रधानमंत्री जियाबाओ ने कहा कि जनता के पास इस बात का पूरा अधिकार है कि वह सरकार की नीतियों की आलोचना कर सके।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक जियाबाओ ने कहा, "मैं हमेशा सोचता हूं कि जनता को सरकार की सोच और कामकाज को जानने का पूरा अधिकार है। उन्हें सरकारी नीतियों की आलोचना करने का भी पूरा हक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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